Jamshedpur : आदिवासी मुद्दों और विभिन्न जन आंदोलनों को लेकर चर्चा में रहने वाले दिनकर कच्छप को बिष्टुपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरफ्तारी एक लंबे समय से लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर सोमवार देर रात की गई. हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दिनकर कच्छप के खिलाफ जमशेदपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें बिष्टुपुर, सीतारामडेरा, गोलमुरी और एमजीएम थाना क्षेत्र से जुड़े मामले शामिल हैं. इन मामलों में दंगा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, अवैध जमावड़ा करने व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे अन्य कानूनों के उल्लंघन से संबंधित आरोप लगाए गए हैं.
जानकारी के अनुसार, दिनकर कच्छप के खिलाफ वर्ष 2020 से 2025 के बीच अलग-अलग घटनाओं को लेकर कई प्राथमिकियां दर्ज हुई हैं. सीतारामडेरा थाना में वर्ष 2020 और 2023 के मामले, गोलमुरी थाना में 2023 का मामला, बिष्टुपुर थाना में 2024 और 2025 के मामले और एमजीएम थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 के दो मामले दर्ज होने की बात सामने आई है.
दर्ज मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), झारखंड उत्पाद अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी रोग अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं शामिल हैं. पुलिस सूत्रों का दावा है कि कुछ मामलों में गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं. जिनमें दोष सिद्ध होने पर सात वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है.
बताया जाता है कि दिनकर कच्छप पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न जन आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं. उनके समर्थक उन्हें आदिवासी अधिकारों और स्थानीय मुद्दों की मुखर आवाज बताते हैं. जबकि विरोधियों द्वारा उन पर आंदोलनों के दौरान प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं.
सोशल मीडिया पर भी दिनकर कच्छप की गतिविधियां अक्सर चर्चा का विषय रही हैं. उन पर अपने अभियानों और आंदोलनों को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित करने के आरोप लगते रहे हैं. इसके अलावा हथियाडीह प्रकरण और कांड्रा पावर ग्रिड विवाद जैसे मामलों में भी उनका नाम चर्चा में आ चुका है. हालांकि, इन मामलों की कानूनी स्थिति समय-समय पर न्यायिक प्रक्रिया के अधीन रही है.
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हुई है. साथ ही वारंट और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. मामले में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और बयान आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
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