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Exclusive: झारखंड सरकार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी पहले के मुकाबले ज्यादा मिली, अनुदान में फूटी कौड़ी नहीं

राज्य सरकार को वर्ष 2026-27 में मई तक केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 2025-26 के मुकाबले ज्यादा पैसा मिला है. लेकिन केंद्रीय सहायता अनुदान में 2026-27 के दौरान मई महीने तक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है. वर्ष 2026-27 के दौरान सरकार को विभिन्न स्रोतों से कुल 11975.16 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है, जो वार्षिक लक्ष्य का 7.59% है.
 
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Ranchi: राज्य सरकार को वर्ष 2026-27 में मई तक केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 2025-26 के मुकाबले ज्यादा पैसा मिला है. लेकिन केंद्रीय सहायता अनुदान में 2026-27 के दौरान मई महीने तक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है. वर्ष 2026-27 के दौरान सरकार को विभिन्न स्रोतों से कुल 11975.16 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है, जो वार्षिक लक्ष्य का 7.59% है.


राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मई महीने तक केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 5893.46 करोड़ रुपये मिले हैं. यह चालू वित्तीय वर्ष के वार्षिक लक्ष्य का 11.50% है. पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मई महीने तक सरकार को केंद्री करों में हिस्सेदारी के रूप में सिर्फ 2702.98 करोड़ रुपये मिले थे.

 

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यह 2025-26 के वार्षिक लक्ष्य का 5.75% था. यानी चालू वित्तीय वर्ष के दौरान पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले केंद्रीय करों मे हिस्सेदारी के रूप में 5.57%Point अधिक मिला है. 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में केंद्र सरकार ने 2026-27 में केंद्रीय करों में झारखंड की हिस्सेदारी 51236.95 करोड़ रुपये निर्धारित की है.


लेकिन केंद्रीय सहायता व अनुदान मद में स्थिति बिलकुल उलट है. वर्ष 2026-27 के दौरान मई महीने तक सरकार को केंद्रीय सहायता अनुदान मद में फूटी कौड़ी नहीं मिली है. हालांकि सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान केंद्रीय सहायता अनुदान मद में 8214.38 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान किया है. पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड सरकार को मई महीन तक केंद्रीय अनुदान व सहायता मद में 199.11 करोड़ रुपये मिले थे, जो वित्तीय वर्ष के वार्षिक लक्ष्य का 1.17% था.


राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के पहले दो महीने यानी मई महीने तक उसे सभी स्रोतों से कुल 11975.16 करोड़ रुपये मिले हैं. यह सरकार के वार्षिक लक्ष्य का 7.59% है. सरकार ने मई तक हुई अपनी 11975.16 करोड़ रुपये की आमदनी में से 6677.16 करोड़ रुपये खर्च किया है. सरकार ने अपनी मई तक की कुल आमदनी में से सरकारी कर्मचारियों के वेतन भत्ता पर 2501.04 करोड़ रुपये खर्च किया है. विकास योजनाओं के नाम पर पहले से लिये गये कर्ज के सूद के रूप में 477.96 करोड़ रुपये चुकाया है. इसके अलावा रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन और पारिवारिक पेंशन के रूप में 1910.00 करोड़ रुपये खर्च किया है.

 

मई 2026 तक वार्षिक लक्ष्य व आमदनी (करोड़ में)

राजस्व मद लक्ष्य मिला   उपलब्धि
जीएसटी  20,937.27 2092.18 9.99%
स्टाप व निबंधन   1800.00 246.40 13.69%
भू-राजस्व 1,999.03 103.29 5.17%
वाणिज्य कर 7899.73 745.36 9.44%
उत्पाद 4499.73 440.88 9.80%
केंद्रीय करों में हिस्सा  51236.95 5893.46 11.50%
केंद्रीय सहाय अनुदान 18214.38 0.00 00%

     
               
           
                  
                 
                       
                 
               

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