Jamshedpur : मानगो अंचल कार्यालय की ओर से गुरुद्वारा रोड और बैकुंठनगर के अंतिम छोर पर रहने वाले तक़रीबन 50 घरों को 4 अगस्त तक खाली करने का नोटिस जारी किए जाने के बाद इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है.
प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से यहां रह रहे हैं और अब अचानक मिले नोटिस से उनके सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है.अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते हैं. उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत और बचत से उन्होंने अपने घर बनाए हैं. यदि उन्हें हटाया जाता है तो उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं बचेगा.
नोटिस के विरोध में शुक्रवार को बैकुंठनगर के निवासियों ने नम आंखों और मन में आक्रोश के साथ ताली, थाली और चम्मच बजाकर विरोध-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि जब वर्षों से उनसे बिजली-पानी का बिल और होल्डिंग टैक्स वसूला जा रहा था, तो अब अचानक उनके घरों को अवैध कैसे घोषित किया जा रहा है.
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की किसी के साथ मिलीभगत है या मामला इससे भी अधिक गंभीर है.स्थानीय लोगों ने भाजपा नेता विकास सिंह को मौके पर बुलाकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया. लोगों ने कहा कि वे दशकों से यहां रह रहे हैं और किसी भी कीमत पर अपना घर नहीं छोड़ना चाहते.
विकास सिंह बोले- गरीब परिवारों को उजाड़ना न्यायसंगत नहीं, प्रशासन से करेंगे हस्तक्षेप की मांग मौके पर पहुंचे भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा कि वर्षों से बसे गरीब और मजदूर परिवारों को इस तरह बेदखल करने का प्रयास उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि इन परिवारों को सरकारी स्तर पर बिजली और पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, वे नियमित रूप से बिल का भुगतान करते हैं और नगर निगम को होल्डिंग टैक्स भी जमा करते हैं. ऐसे में अचानक उन्हें अवैध बताकर हटाने की कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है.
उन्होंने कहा कि वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं और उनकी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए.
विकास सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि जिन जरूरतमंद परिवारों को योजना के तहत पक्का घर मिलना चाहिए था, वे आज भी इसके लाभ से वंचित हैं. इसके विपरीत वर्षों से बसे लोगों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जो चिंता का विषय है.
फिलहाल मानगो अंचल कार्यालय की ओर से जारी नोटिस को लेकर प्रभावित परिवारों में असमंजस और चिंता बनी हुई है. वहीं, इस पूरे मामले पर प्रशासन की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है.
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