Jamshedpur : जमशेदपुर के बहुचर्चित डीडी बार हत्याकांड मामले में गिरफ्तार बार संचालक सह भाजपा नेता नीरज सिंह की पुलिस हिरासत पर बुधवार को सिविल कोर्ट में कानूनी बहस शुरू हो गई. नीरज सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश झा ने सीजेएम की अदालत में आवेदन दायर कर उनकी गिरफ्तारी, ट्रांजिट रिमांड व पुलिस हिरासत की वैधता पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज सिंह को ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाए जाने के बाद भी स्थानीय अदालत में पेश नहीं किया गया. उन्हें जानकारी मिली है कि नीरज सिंह को एमजीएम थाना में रखा गया है, जबकि ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य केवल आरोपी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक कानूनी रूप से लाने की अनुमति देना होता है. आरोपी को थाने में रखना कानून के अनुरूप नहीं है.
प्रकाश झा ने दावा किया कि नीरज सिंह को 7 जुलाई को ही जमशेदपुर लाया जा चुका था. ऐसे में उन्हें अब तक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं करना और थाने में रखना अवैध है. उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 22 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर नजदीकी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस नीरज सिंह को उनकी पत्नी, परिवार के अन्य सदस्यों और उनके अधिवक्ता से मिलने की अनुमति नहीं दे रही है. यह आरोपी के कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है. इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों और दिशा-निर्देशों की प्रतियां भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की हैं.
वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुसार, सीजेएम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए आवेदन की प्रति राज्य सरकार को उपलब्ध करा दी है. अदालत ने जल्द ही इस पर आदेश जारी करने की बात कही है. हालांकि, नीरज सिंह के वकील के इन आरोपों पर अभी तक पुलिस प्रशासन या अभियोजन पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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