Jamshedpur : करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व झारखंड प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. एमजीएम थाना पुलिस ने अपनी लंबी जांच (एक साल तीन महीने) पूरी करने के बाद अदालत में फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी है. रिपोर्ट में बताया गया है कि विनय सिंह हत्या नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने आत्महत्या की थी.

पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट, बैलिस्टिक परीक्षण, फिंगरप्रिंट और गवाहों के बयानों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है. पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से बरामद देसी पिस्तौल, कारतूस का खोखा और अन्य साक्ष्यों को फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा गया था.
बैलिस्टिक जांच में पुष्टि हुई कि विनय सिंह को लगी गोली उसी पिस्तौल से चली थी, जो उनके पास मिली थी. वहीं फिंगरप्रिंट और रासायनिक जांच में किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी या संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला. घटनास्थल से जुटाए गए अन्य भौतिक साक्ष्य भी आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं.
जांच के दौरान पुलिस ने विनय सिंह की पत्नी रीना सिंह, उनके बेटे, रिश्तेदारों, परिचितों और कई स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज किए. पुलिस का कहना है कि सभी बयानों, तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट का मिलान करने के बाद हत्या की आशंका की पुष्टि नहीं हुई.
गौरतलब है कि बीते साल 20 अप्रैल को एमजीएम थाना क्षेत्र के गोडगोडा स्थित एक खेत में विनय सिंह का शव मिला था. शव के पास उनकी स्कूटी खड़ी थी और उनके हाथ में पिस्तौल फंसी हुई थी. घटना के बाद पूरे जमशेदपुर में सनसनी फैल गई थी.
करणी सेना और क्षत्रिय समाज के लोगों ने इसे हत्या बताकर विरोध प्रदर्शन किया था और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी. परिजनों की शिकायत पर एमजीएम थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था.
अब विस्तृत जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में अंतिम प्रतिवेदन दाखिल करते हुए मामले को आत्महत्या का बताया है. हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा. पुलिस का कहना है कि उपलब्ध वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हत्या की पुष्टि नहीं होने के कारण केस बंद करने की रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी गई है.
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