Jamshedpur : जमशेदपुर शहर के साकची बाजार से करीब दो सप्ताह पहले लापता हुई तीन वर्षीय मासूम आफरीन आखिरकार सकुशल मिल गई. पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में सामने आया कि शादी के करीब दस साल बाद भी संतान नहीं होने के कारण दोनों ने बच्ची का अपहरण किया था. उसे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में छिपाकर रखा था.
जानकारी के अनुसार, 26 मई को डिमना बस्ती के हयात नगर निवासी मो. इम्तियाज अपनी पत्नी और बच्चों के साथ साकची बाजार खरीदारी करने गए थे. इसी दौरान उनकी तीन वर्षीय बेटी आफरीन अचानक गायब हो गई. परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला तो साकची थाना में शिकायत दर्ज कराई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. सिटी एसपी व सिटी डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने बाजार व आसपास में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली, कई लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई.
जांच के दौरान मिली गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र के पुष्टी गांव में छापेमारी कर आफरीन को सकुशल बरामद किया.
पुलिस ने इस मामले में अब्दुल जसीम उर्फ लखन (42) और उसकी पत्नी अफसाना बेगम (30) को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि संतान नहीं होने की वजह से उन्होंने साकची बाजार से बच्ची को अपने साथ ले जाकर गांव में छिपा दिया था. पुलिस जांच में पता चला कि गिरफ्तार दंपती फिलहाल मानगो के ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित करीम सिटी कॉलेज के पास किराये के मकान में रह रहे थे.
छापेमारी टीम में साकची थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव, अमित कुमार सिंह, हरि महतो, जितेंद्र कुमार वर्मा, अभिनव कुमार, अमित कुमार चौधरी, सुजीत कुमार, राजेश कुमार, बिरेन्द्र कुमार सिंह, प्रेमकांत मिश्रा और साकची थाना रिजर्व गार्ड के जवान शामिल रहे.
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