Jamshedpur: टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. कंपनी ने सेवानिवृत्त होने या नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की प्रक्रिया को तेज, आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है. इसके साथ ही जमशेदपुर ऑपरेशंस की सेफ्टी कमेटी का भी पुनर्गठन किया गया है.
इस संबंध में कंपनी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है. नई टास्क फोर्स का उद्देश्य कर्मचारियों के ऑफ-बोर्डिंग अनुभव को बेहतर बनाना है, ताकि सेटलमेंट की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यमों से तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरी की जा सके.
इस टास्क फोर्स का नेतृत्व चीफ टैलेंट मैनेजमेंट राधिका सिंह करेंगी, जबकि अवनीश अरुण सह-प्रमुख की भूमिका निभाएंगे. वहीं, वर्किंग स्क्वॉड की जिम्मेदारी हेड एचआरएम चंदन अग्रवाल को सौंपी गई है. टीम एजाइल वर्किंग मॉडल के तहत काम करेगी और 30 सितंबर 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपेगी. इस पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा स्वयं एमडी टीवी नरेंद्रन करेंगे.
दूसरी ओर, कंपनी ने 1 जून 2026 से जमशेदपुर ऑपरेशंस की सेफ्टी कमेटी का भी पुनर्गठन किया है. नई कमेटी में प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन (TWU) को समान प्रतिनिधित्व दिया गया है, ताकि सुरक्षा से जुड़े फैसलों में दोनों पक्षों की बराबर भागीदारी सुनिश्चित हो सके.
नई सेफ्टी कमेटी के चेयरमैन वीपी ऑपरेशंस चैतन्य भानु होंगे, जबकि चीफ सुरजीत सिन्हा को अल्टरनेट चेयरमैन बनाया गया है. पूनम शुक्ला को कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया है. कमेटी में प्रबंधन के 12 अधिकारियों के साथ यूनियन के 12 प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है.
कंपनी का मानना है कि इन कदमों से कर्मचारियों को सेटलमेंट प्रक्रिया में अधिक सुविधा मिलेगी और कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत करने के साथ-साथ ‘जीरो हार्म’ नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी.
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