Jamshedpur : शहर में सफाई, स्ट्रीट लाइट, चापाकल और सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति को लेकर शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और जेएनएसी (जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनहित के कई मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की.
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा ने किया. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शहर के कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा उठाव की व्यवस्था नियमित रूप से नहीं हो रही है. समय पर कचरा नहीं उठने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है.
इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं होने की शिकायत की गई. ज्ञापन में शहर की खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइटों का मुद्दा भी उठाया गया. प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से कई लाइटें खराब हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है, जिससे लोगों को रात में आवागमन में दिक्कत होती है.
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष कई विकास योजनाओं के लिए निविदाएं (टेंडर) निकाली गई थीं. लेकिन अब तक उन योजनाओं का काम शुरू नहीं हो पाया है. इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.
ज्ञापन में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई. साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था को अपर्याप्त बताते हुए सुधार की मांग की गई. प्रतिनिधियों ने कहा कि विधायक निधि से कचरा उठाव के लिए छह ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए थे, इसके बावजूद सफाई व्यवस्था प्रभावी नहीं दिख रही है.
प्रतिनिधिमंडल ने सफाई व्यवस्था के लिए करीब दो महीने पहले निकाली गई निविदा को रद्द किए जाने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि निविदा रद्द करने के बाद अब तक नई निविदा क्यों नहीं निकाली गई. इसके अलावा जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली की कमी का मुद्दा भी उपायुक्त के सामने रखा गया.
प्रतिनिधिमंडल ने डीसी से मांग की कि जेएनएसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए और जनसुविधाओं से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर और सुचारु बुनियादी सुविधाएं मिल सकें.
उपायुक्त से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुन्नू भूमिज, उषा यादव, भीम सिंह, नीरज सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, विवेक पांडेय, राघवेंद्र प्रताप सिंह, मनोज सिंह, कुंअर अतुल सिंह, रणजीत कुमार, तारक मुखर्जी, विनोद सिंह, ललित सिंह और बुद्धेश्वर कर्मकार समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल थे.
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