Jamshedpur : बागबेड़ा से सटे रामनगर लकड़िया बागान बस्ती के सैकड़ों परिवार इन दिनों गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत वर्ष 2016 में तत्कालीन मुखिया द्वारा प्रत्येक घर से 450 रुपये लेकर पानी कनेक्शन के लिए रसीद काटी गई थी. लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही उनके घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, लेकिन 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो इलाके में पाइपलाइन बिछाई गई और न ही जलापूर्ति शुरू हो सकी.
ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती में मौजूद सरकारी और निजी बोरिंग भी अब सूख चुके हैं, जिससे पानी की समस्या और बढ़ गई है. हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए रोजाना बाजार से 30 से 40 रुपये की बोतल खरीदनी पड़ रही है.
भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है और बस्ती के परिवारों को दैनिक जरूरतें पूरी करने में भी कठिनाई हो रही है.स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रामनगर बस्ती के निचले हिस्से में जल्द पाइपलाइन बिछाकर हर घर तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी परेशानी की जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी.
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