Jamshedpur: जमशेदपुर के टाटानगर–कोलकाता रेल मार्ग पर स्थित सालगाझुरी वेस्ट केबिन हॉल्ट आज यात्रियों की सुविधा से ज्यादा बदहाली की पहचान बनता जा रहा है. रेलवे ने करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेशन को आधुनिक रूप तो दे दिया, लेकिन यहां ट्रेनों का ठहराव बंद होने से पूरा स्टेशन वीरान पड़ा है. स्थानीय लोग अब रेलवे प्रशासन के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, सालगाझुरी हॉल्ट कभी आसपास के गांवों, मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्टेशन माना जाता था. यहां लोकल ट्रेनों के रुकने से लोग आसानी से टाटानगर और दूसरे इलाकों तक सफर करते थे. लेकिन अक्टूबर 2025 में थर्ड लाइन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रेलवे ने यहां लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया. इसके बाद से यात्रियों की परेशानियां लगातार बढ़ गई हैं.
इधर रेलवे ने अमृत भारत योजना के तहत करीब 4.5 करोड़ रुपये खर्च कर स्टेशन का आधुनिकीकरण कराया. स्टेशन पर नया भवन, टिकट बुकिंग काउंटर, प्रतीक्षालय और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित की गईं. इस स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा किया गया था.
हालांकि सुविधाएं तैयार होने के बावजूद स्टेशन पर अब सन्नाटा पसरा रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेनों के नहीं रुकने से स्टेशन का कोई उपयोगिता नहीं रह गया है. स्टेशन परिसर में गंदगी फैली रहती है और शाम होते ही यहां असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगने लगता है.
ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए टाटानगर स्टेशन या गोविंदपुर हॉल्ट जाना पड़ता है. इससे अतिरिक्त किराया और समय दोनों खर्च हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि रेलवे ने करोड़ों रुपये खर्च तो कर दिए, लेकिन यात्रियों की सबसे जरूरी मांग को नजरअंदाज कर दिया.
ट्रेनों के ठहराव को फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर स्थानीय लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं. ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से जल्द लोकल ट्रेनों का ठहराव बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को फिर से राहत मिल सके.
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