Jadugoda: तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट के विस्थापितों के मुद्दे पर जमशेदपुर अंचल पदाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई. बैठक में यूसिल प्रबंधन की दलाली प्रथा के खिलाफ विस्थापित लोग मुखर हो गए और इस पर अंकुश लगाने की मांग की. अंचल कार्यालय जमशेदपुर में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक में माइंस गेट पर बने अवैध भवन को सीआईएसएफ को सौंपने समेत कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री स्तर पर मामले को सुलझाने का फैसला हुआ.
बैठक के बाद झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने कहा कि यूसिल की तुरामडीह व नान्दूप गांव के निकाले गए 18 विस्थापितों को दो दिनों के अंदर नियोजन करने पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि हर टेंडर की जानकारी संवेदक को तुरामडीह राजस्व ग्राम सभा को देनी होगी. साथ ही ग्राम सभा की मंजूरी के बाद संवेदक चयनित लोगों को काम पर रखेगा.
इस दौरान यूसिल तुरामडीह यूनिट में संवेदक के अधीन सभी ठेका कर्मियों को अगले 15 दिनों के अंदर अपने ग्राम प्रधान से सत्यापित कराकर यूसिल प्रबंधन को दस्तावेज सौंपना होगा, तभी जाकर विस्थापितो की उसका हक दिलाया जाएगा. बीते एक जून को माइंस गेट के समक्ष आयोजित असंवैधानिक धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ 9 जून को यूसिल प्रबंधन कानूनी कारवाई करेगा.
अंचल अधिकारी जमशेदपुर की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में यूसिल प्रबंधन की ओर से उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार, चंचल मन्ना, संजीव रंजन, झामुमो के वरिष्ठ नेता सह पूर्व जिला परिषद बाघ राय मार्डी, पांच गांव के ग्राम प्रधान, मुखिया, आंदोलन-कारी, प्रत्येक गांव के चार-चार विस्थापितों ने हिस्सा लिया.
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