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Jamshedpur News: गालूडीह में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने पर छात्रा की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद 108 एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है
 

Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद 108 एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बाघुड़िया पंचायत के चाड़री गांव की रहने वाली देवला टुडू की तबीयत खराब होने के बाद शनिवार को उसकी हालत अचानक बिगड़ गई थी. 

 

परिजनों का आरोप है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए संपर्क करने के बावजूद उन्हें समय पर वाहन नहीं मिल सका. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब जिले में पहले भी एंबुलेंस सेवा को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं.

 

परिजनों के अनुसार, देवला टुडू पिछले दो दिनों से बुखार से परेशान थी. शनिवार को अचानक उसकी स्थिति गंभीर हो गई और वह बेहोश होकर गिर गई. परिवार के लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की.परिजनों का कहना है कि काफी देर तक फोन पर संपर्क नहीं हो पाया. बाद में बात होने पर उन्हें बताया गया कि उस समय एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है.

 

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मजबूरी में ऑटो से ले गए अस्पताल


एंबुलेंस नहीं मिलने के बाद परिजन किसी तरह ऑटो की व्यवस्था कर देवला को गालूडीह स्थित निरामय हेल्थ केयर लेकर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण उसकी हालत और गंभीर हो गई.डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका. इलाज के दौरान छात्रा की हालत बिगड़ती गई और कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

 

ब्रेन मलेरिया की आशंका, लेकिन पुष्टि नहीं


देवला की मौत को लेकर परिवार ने ब्रेन मलेरिया की आशंका जताई है. उनका कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि, चिकित्सकों ने अभी तक ब्रेन मलेरिया को मौत की वजह नहीं बताया है. 

 

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, छात्रा के परिवार की दो महिलाओं की मलेरिया जांच कराई गई थी, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है. ऐसे में मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. मृतका के चचेरे भाई देबिलाल टुडू ने एंबुलेंस सेवा में देरी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अगर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो इलाज जल्दी शुरू हो सकता था और शायद देवला की जान बच जाती.

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई: सिविल सर्जन


पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कहा कि यदि परिजन लिखित शिकायत करते हैं तो एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि मामले की पूरी जानकारी के लिए गालूडीह के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से रिपोर्ट ली जाएगी. इसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

 

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