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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के किसानों के लिए खुलेंगे विदेशों के बाजार, निर्यात बढ़ाने का मिला प्रशिक्षण

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय सभागार में निर्यातोन्मुखी क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान उत्पादक कंपनियों और जिले के प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया.
 

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय सभागार में निर्यातोन्मुखी क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान उत्पादक कंपनियों और जिले के प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया.

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं, गुणवत्ता मानकों और बाजार की संभावनाओं की जानकारी देना था. इस दौरान किसानों को बताया गया कि संगठित तरीके से खेती और बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर वे विदेशी बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकते हैं.

 

कार्यक्रम में एपीडा के ईस्टर्न रीजन हेड सीताकांत मंडल ने किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों को निर्यात की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पाद भेजने के लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्धारित मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है. साथ ही किसानों को मूल्य संवर्धन के जरिए अपनी उपज का अधिक लाभ प्राप्त करने के उपाय भी बताए गए.

 

प्रशिक्षण के दौरान जिले में उत्पादित उन कृषि और बागवानी फसलों की पहचान पर चर्चा हुई, जिन्हें निर्यात के लिए तैयार किया जा सकता है. विशेषज्ञों ने किसानों को गुणवत्ता सुधार, उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन की आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया. इसके अलावा निर्यात क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों और सरकारी सहयोग योजनाओं की जानकारी भी दी गई.

 

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम के कृषि और बागवानी उत्पादों में विदेशों के बाजार तक पहुंचने की बड़ी संभावना है. यदि किसान एफपीओ के माध्यम से संगठित होकर गुणवत्ता आधारित उत्पादन पर ध्यान दें और आधुनिक विपणन व्यवस्था अपनाएं, तो जिले की पहचान एक प्रमुख निर्यातक क्षेत्र के रूप में स्थापित हो सकती है.

 

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, नाबार्ड, कृषि विभाग, जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि, विभिन्न एफपीओ के सदस्य, बीपीओ और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे. अधिकारियों ने किसानों को निर्यातोन्मुख खेती अपनाने और वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया.

 

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