Jamtara: जिले का रानी सती राइस मिल एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई के केंद्र में आ गई है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जामताड़ा के अंचलाधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि उक्त राइस मिल का भौतिक सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट भेजे.
मिली जानकारी के अनुसार, रानी सती राइस मिल के प्रोपराइटर मुकेश कुमार गाडयान थे. स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि यह राइस मिल पिछले करीब 10 वर्षों से बंद पड़ी है और परिसर में ताला लगा हुआ है. वहीं, मिल के पूर्व प्रोपराइटर की आर्थिक स्थिति भी काफी दयनीय बताई जा रही है.
यह मामला खरीफ विपणन मौसम 2012-13 से जुड़ा हुआ है, जब धान अधिप्राप्ति योजना के तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) को रानी सती राइस मिल द्वारा शत-प्रतिशत कस्टम मिल्ड राइस (CMR) सौंपा नहीं गया था. जिसके बाद विभाग ने राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू की थी. वर्ष 2021 में इस मामले को लेकर जामताड़ा थाना में कांड संख्या 49/21 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्राथमिकी दर्ज होते ही प्रोपराइटर ने 27 लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान किया. हालांकि, कुल देनदारी 1 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक थी.
अब भी लगभग 1 करोड़ 37 लाख रुपये बकाया है, जिसकी वसूली के लिए विभाग ने पुनः सक्रियता दिखाई है. इसी क्रम में अंचलाधिकारी को मिल की वर्तमान स्थिति की जांच कर रिपोर्ट जिला प्रबंधक, झारखंड राज्य खाद्य निगम, दुमका को भेजने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य मिल संचालकों में भी हलचल देखी जा रही है. अब देखना यह होगा कि जांच रिपोर्ट के बाद आगे क्या कार्रवाई होती है.
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