डीसी ने साफ कहा कि इस अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पेयजल समस्या को जड़ से खत्म करने का निर्देश दिया. जांच में दौरान जो भी चापाकल, कुएं या जलमीनार खराब पाए जाएंगे, उन्हें 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करना अनिवार्य होगा. इसके लिए 12 विशेष संयुक्त जांच दल गठित किए गए हैं, जो हर पंचायत में जाकर जमीनी हकीकत का आकलन करेंगे.
कंट्रोल रूम हुआ एक्टिव
आम जनता की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. लोग 9525341434, 9155182519 और 9470176901 पर कॉल कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हर शिकायत पर प्राथमिकता से कार्रवाई होगी.
पानी की गुणवत्ता पर भी फोकस
अभियान के दौरान केवल पानी की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. जांच टीम पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच कराएगी, ताकि आर्सेनिक जैसी खतरनाक तत्वों की पहचान की जा सके.
गुरुवार से शुरू होगा सघन अभियान
9 अप्रैल गुरुवार से जिले के सभी प्रखंडों की चयनित पंचायतों में सघन जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें जामताड़ा, नारायणपुर, नाला, करमाटांड़, फतेहपुर और कुंडहित प्रखंड शामिल हैं. कुल मिलाकर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार गर्मी में पानी की किल्लत को लेकर कोई ढिलाई नहीं होगी.
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