Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

जामताड़ा : 60 वर्षीय व्यक्ति में पाया गया ब्लैक फंगस, रिम्स रेफर

Advertisement
Advertisement

Jamtara :  कोरोना महामारी के बाद अब ब्लैक फंगस पूरे राज्य में पाव पसारने लगा है. पिछले दिनों कई जिलों में मरीज मिलने लगे है. शनिवार को जामताड़ा में कोरोना से जंग जीतने वाले  60 वर्षीय व्यक्ति में ब्लैक फंगस के लक्षण पाये गये है. उसने दो-तीन दिन पहले ही कोरोना को मात दिया है. कोविड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दुर्गेश ने उसे रांची रिम्स रेफर कर दिया है. संक्रमित मरीज का रिम्स में इलाज शुरू हो गया है.

ब्लैक फंगस का मरीज मिलते ही बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर

बुजुर्ग में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखने पर परिजनों ने इसकी जानकारी डॉ दुर्गेश झा को बताया. जिसके बाद डॉक्टर ने मरीज की तस्वीर मंगवाई. ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते ही 108 एंबुलेंस भेजकर मरीज को कोविड अस्पताल उदलबनी लाया गया. वहां जांच के बाद पीएमसीएच, धनबाद रेफर कर दिया. साथ ही इसकी जानकारी जिला प्रशासन और जिला महामारी पदाधिकारी को दी गई.

धनबाद से रिम्स रेफर किया गया

एसडीओ संजय कुमार पांडेय और जिला महामारी पदाधिकारी ने पीएमसीएच धनबाद के पदाधिकारियों से संपर्क साधा और मरीज को तत्काल रिम्स भिजवाने का आग्रह किया. मरीज के पहुंचते ही पीएमसीएच प्रबंधन ने त्वरित प्रक्रिया पूरी कर मरीज को रिम्स भेज दिया. एसडीओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में ये पहला ब्लैक फंगस का मरीज मिला है. मरीज को रिम्स में भर्ती कराया गया है.

जिले का पहला ब्लैक फंगस मरीज शनिवार को मिला.

ब्लैक फंगस से पीड़ित के मरीज मिलने से जामताड़ा के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में खलबली मच गई है. जानकारी के अनुसार, अब तक राज्य में कुल सात ब्लैक फंगस के केस सामने आए हैं. जिसमें जामताड़ा से सातवां और जिला का पहला ब्लैक फंगस मरीज शनिवार को मिला. पोस्ट कोविड के कुछ मरीज   ब्लैक फंगस के शिकार हो रहे हैं. विशेषकर मधुमेह मरीजों पर असर देखा जाता है. कैंसर व दिल से संबंधित बीमारी वाले मरीजों को ब्लैक फंगस होने का खतरा रहता है. कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी सावधानी बरतें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही