Jamtara: मरीज को ट्रॉली से अस्पताल पहुंचाने मामले में स्वास्थ्य मंत्री व पीड़ित परिजन के अलग-अलग दावे
By Lagatar News
Jun 13, 2026 03:00 PM
स्वास्थ्य मंत्री ने सड़क हादसा बताया
मरीज के बेटे ने कहा- समय पर एंबुलेंस आती तो बच सकती थी जान
Jamtara : जिले में ट्रैक्टर की ट्रॉली पर खटिया में लादकर एक मरीज को सदर अस्पताल लाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. मामले को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. एक ओर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसे सड़क दुर्घटना का मामला बताते हुए कहा कि मृतक रात में किसी पार्टी से लौट रहे थे और इसी दौरान दुर्घटना हो गई, जिसमें उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. वहीं, मृतक के पुत्र विमल टुडू ने मंत्री के बयान को गलत बताते हुए पूरी घटना की अलग तस्वीर सामने रखी है.
विमल टुडू के अनुसार, उनके पिता स्नान करने के लिए गांव के जोरिया गए थे. वहां से घर लौटने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. अत्यधिक थकान के कारण वह रास्ते में गिर पड़े. इसके बाद परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार फोन करने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया.
परिजनों का आरोप है कि गंभीर स्थिति में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण मजबूर होकर उन्हें ट्रैक्टर की ट्रॉली में खटिया लगाकर मरीज को सोलकर जामताड़ा सदर अस्पताल लाना पड़ा. हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मृतक के बेटे विमल टुडू ने कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती और उनके पिता को तत्काल इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है.
इस घटना ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता और उसकी कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. वहीं, मंत्री के बयान और परिजनों के दावों में सामने आए विरोधाभास के बाद मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.
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