Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

जामताड़ा: सिटी हॉस्पिटल व मंगलम नेत्रालय में वित्तीय फर्जीवाड़ा, केस दर्ज

Jamtara: जामताड़ा के दो अस्पतालों में वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है. सिटी हॉस्पिटल,मंगलम नेत्रालय अस्पताल पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगा है और मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई अंचलाधिकारी जामताड़ा अविश्वर मुर्मू के लिखित आवेदन पर हुई है. जिसके तहत 2 अप्रैल को सिटी हॉस्पिटल जामताड़ा और मंगलम नेत्रालय पर वित्तीय फर्जीवाड़ा के आरोप में जामताड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
Advertisement
Advertisement

Jamtara: जामताड़ा के दो अस्पतालों में वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है. सिटी हॉस्पिटल,मंगलम नेत्रालय अस्पताल पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगा है और मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई अंचलाधिकारी जामताड़ा अविश्वर मुर्मू के लिखित आवेदन पर हुई है. 


जिसके तहत 2 अप्रैल को सिटी हॉस्पिटल जामताड़ा और मंगलम नेत्रालय पर वित्तीय फर्जीवाड़ा के आरोप में जामताड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इन दोनों अस्पतालों के एमडी और प्रबंधन के विरुद्ध लाखों रुपए के वित्तीय फर्जीवाड़ा के आरोप में जामताड़ा थाना में कांड संख्या- 38/26 दर्ज किया गया है. वहीं पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ वित्तीय फर्जीवाड़े के मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया है.

 

दोनों अस्पतालों पर आरोप लग रहा है कि आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और जिला अंधापन नियंत्रण समिति के एकरारनामा के आधार पर फर्जीवाड़ा किया गया है और सरकारी राशि के गबन का प्रयास किया गया है. डीसी के नेतृत्व में जिला स्तरीय टीम की ओर से बीते 24 मार्च को सिटी हॉस्पिटल जामताड़ा और मंगलम नेत्रालय की जांच की गयी थी.


इससे पूर्व डीसी की ओर से सिटी हॉस्पिटल से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी. दरअसल जिला अंधापन नियंत्रण समिति के साथ जिले के चार अस्पतालों सिटी हॉस्पिटल जामताड़ा,मंगलम नेत्रालय, मधुपुर सिटी हॉस्पिटल (करमाटांड़) और परमानंद हॉस्पिटल का एमओयू किया गया है. समझौते के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए प्रति मरीज 2000 रुपये भुगतान का प्रावधान है. 


सिटी हॉस्पिटल जामताड़ा ने जून, जुलाई और अगस्त 2025 में कुल 1098 मरीजों के ऑपरेशन का दावा करते हुए 21 लाख 96 हजार रुपए का क्लेम किया है. इसमें जून में 382, जुलाई में 349 और अगस्त में 367 ऑपरेशन दिखाए गए हैं. 


वहीं मंगलम नेत्रालय की ओर से करीब 6 लाख रुपए और मधुपुर सिटी हॉस्पिटल (करमाटांड़) की ओर से करीब 2.70 लाख रुपए का क्लेम किया गया है. लेकिन अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज मरीजों के मोबाइल नंबर पर जब डीसी रवि आनंद ने संपर्क किया, तो कई मरीजों के मोबाइल नंबर गलत पाए गए. इनमें से अधिकांश नंबर राजस्थान, केरल सहित अन्य राज्यों का मोबाइल नंबर था. 

 

वहीं सिटी हॉस्पिटल में बगैर लाइसेंस के फार्मेसी संचालित था. साथ हीं ब्लड बैंक और एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध नहीं था. हॉस्पिटल में स्थायी रूप से कोई डॉक्टर नहीं रहते थे. जिससे गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही