Jamtara : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) जामताड़ा एवं झालसा रांची के निर्देशानुसार बुधवार को नारायणपुर प्रखंड में दो अलग-अलग स्थानों पर कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया. ये शिविर बुधुडीह मोड़ तथा उत्क्रमित उच्च विद्यालय चैनपुर बोर्ड में लगाए गए, जहां ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को मुफ्त कानूनी सलाह एवं परामर्श प्रदान किया गया.
उत्क्रमित उच्च विद्यालय चैनपुर बोर्ड में आयोजित मुख्य शिविर का शुभारंभ सहायक शिक्षक मो. कुर्बान शेख ने परिचय सत्र के साथ किया. इस अवसर पर प्रधानाध्यापक सोहन मुर्मू सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे.

कार्यक्रम में पीएलवी शहादत अली ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) की योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने विशेष रूप से बाल विवाह रोकथाम पर जोर देते हुए इसके दुष्परिणामों से छात्रों को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि बाल विवाह से शिक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, साथ ही यह बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है.
शहादत अली ने कहा कि झालसा एवं डालसा के निर्देशानुसार पंचायत भवन बुधुडीह में सप्ताह में दो दिन विधिक सहायता केंद्र संचालित किया जाता है, जहां ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सहायता, सलाह-परामर्श एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने लोगों से इन सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की.
वहीं, बुधुडीह मोड़ पर आयोजित शिविर में आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विभिन्न कानूनी मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की. पीएलवी द्वारा मौके पर उपस्थित लोगों की समस्याएं सुनकर आवश्यक परामर्श भी दिया गया. शिविर में साहेबराम मुर्मू, राजलीन सोरेन, वरुण कुमार मंडल, जयराम यादव, मुन्ना भंडारी, किसान पंडित, संक्च मुर्मू सहित कई ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
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