पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पंचायत की मुखिया दुखी मुर्मू, बिचौलिया वनमाली मिर्धा व प्रखंड के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से उसके नाम पर मनरेगा योजना का फर्जी मास्टर रोल व दस्तावेज तैयार कर बिना कार्य किये 4,83,456 रुपये की निकासी कर ली गई.
पीड़ित बुधन मिर्धा ने बताया कि उसके पास घर के अलावा कोई जमीन-जायदाद नहीं है. इसके बावजूद उसके और उसकी पत्नी के नाम पर विभिन्न योजनाओं में कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का भुगतान दिखा दिया गया. उसने कहा कि न तो उसे इन योजनाओं की जानकारी थी और न ही किसी दस्तावेज पर उसने हस्ताक्षर किए हैं.
इन योजनाओं में हुई राशि की निकासी
...जमीन समतलीकरण (वर्क कोड IF/685429)– 1,66,098 रुपए
...मेड़बंदी (वर्क कोड IF/99656)– 43,350 रुपए
...बेबी देवी के नाम जमीन समतलीकरण (वर्क कोड IF/833951)– 2,50,920 रुपए
...अबुआ आवास मजदूरी भुगतान (वर्क कोड IF/422305)–23,088 रुपए
... कुल निकासी 4,83,456 रुपए.
बुधन मिर्धा ने बताया कि उसे इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब प्रखंड से जांच अधिकारी उसके घर पहुंचे और बताया कि उसके नाम पर संचालित योजनाएं प अबुआ आवास का कार्य पूर्ण दिखाया गया है. इसके बाद उसने संबंधित अभिलेखों की जानकारी जुटाई, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. पीड़ित दंपती ने डीसी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. मामले की पूरे क्षेत्र में चर्चा है.
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