Jamtara : जामताड़ा सदर अस्पताल में गर्भवती की मौत के बाद हुई तोड़फोड़ को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण सहित पार्टी के 8 भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके विरोध में शुक्रवार को भाजपाइयों ने समाहरणालय का घेराव किया. घेराव में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, जामा की पूर्व विधायक सीता सोरेन, सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.
बाबूलाल मरांडी ने राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा. कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अपने क्षेत्र के सदर अस्पताल की यह स्थिति है, तो पूरे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल से मरीजों को कमीशन लेकर निजी नर्सिंग होम भेजा जाता है.

समाहरणालय का घेराव करते भाजपा के नेता व कार्यकर्ता.
उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासियों, महिलाओं व गरीबों का शोषण हो रहा है. सरकार बालू, कोयला समेत अन्य खनिजों की लूट में व्यस्त है. उन्होंने एफआईआर के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष के घर हुई छापेमारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि यदि अस्पताल में तोड़फोड़ हुई थी, तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए थी. भाजपा कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और अन्याय के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा.
सीता सोरेन ने राज्य सरकार को सभी मोर्चों पर विफल बताते हुए कहा कि जामताड़ा सदर अस्पताल लोगों के लिए "मौत का घर" बनता जा रहा है. अस्पताल में इलाज की व्यवस्था बदहाल है. एंबुलेंस के अभाव में मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है.
रणधीर सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जच्चा-बच्चा की मौत पर आवाज उठाने वाले भाजपा नेताओं पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया. उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष होकर कार्य करने की अपील की और कहा कि सत्ता बदलती रहती है, इसलिए प्रशासन को राजनीतिक दबाव में काम नहीं करना चाहिए. मौके पर भाजपा नेता सत्यानंद झा बाटुल, माधव चंद्र महतो, तरुण गुप्ता, हरिमोहन मिश्रा,बबिता झा,आशा गुप्ता,सुजाता सिंह, सुरेश व अन्य भाजपा नेता मौजूद थे.
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