Jamtara : जिले के फतेहपुर प्रखंड के चौकुंदा गांव निवासी नुनु लाल राय (42 वर्षीय) की वृहत ग्रामीण जलापूर्ति योजना के पंप हाउस में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. वह यहां दैनिक मजदूर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे. परिजनों का आरोप है कि नुनु लाल राय पिछले पांच वर्षों से काम कर रहे थे.इसके बावजूद उन्हें एक दिन की भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया.
परिजनों के अनुसार, नुनु लाल राय को दैनिक मजदूरी के आधार पर भुगतान का आश्वासन देकर बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना में रखा गया था. उन्होंने वर्षों तक ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें कभी मजदूरी नहीं मिली.
इसी दौरान वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए. आर्थिक तंगी के कारण उनका समुचित इलाज नहीं हो सका और गुरुवार को पंप हाउस में ड्यूटी के दौरान ही उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पंप हाउस पहुंच गए.
लोगों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को फोन कर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. सूचना मिलने पर फतेहपुर बीडीओ प्रेम कुमार दास, थाना प्रभारी अमर सिंह तपेए, पंचायत की मुखिया जियामनी हेंब्रम, प्रतिनिधि विभीषण हेंब्रम तथा अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी.
ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही और उपेक्षा का लगाया आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय सहायक अभियंता से संपर्क करने पर उन्होंने किसी प्रकार की सरकारी सहायता देने से इंकार कर दिया. बाद में प्रशासन और अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक के परिवार को 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई. साथ ही अंबेडकर आवास और मईयां सम्मान योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया गया. इसके बाद ग्रामीण और परिजन शांत हुए.
मृतक नुनु लाल राय अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं. पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहे परिवार के सामने अब जीवनयापन की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है. घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए नुनु लाल राय ने वर्षों तक सेवा दी, उसी व्यवस्था ने उनके अंतिम समय में साथ छोड़ दिया.
इधर मामले पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अनुप कुमार ने कहा कि चौकुंदा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का संचालन पंचायत स्तर पर मुखिया की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पहले दो वर्षों तक संबंधित संवेदक द्वारा पंप हाउस का संचालन किया गया था. जलकर के माध्यम से प्राप्त राजस्व से ही योजना के संचालन और रख-रखाव की व्यवस्था की जाती है.
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