- तीन महीने तक ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा
- अंचल कार्यालयों में शुरू हुई प्रक्रिया, लंबित आवेदनों का मिशन मोड में होगा निष्पादन
Jamtara News: जाति, आय, स्थानीय निवासी या EWS प्रमाण पत्र बनवाने के लिए महीनों से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सिर्फ ऑनलाइन व्यवस्था पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. झारखंड सरकार ने अगले तीन महीने तक ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यम से भी जाति, आय, स्थानीय निवासी एवं EWS प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति दे दी है.
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सरकार के इस फैसले से खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें सरकारी योजनाओं, नौकरी, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन और आरक्षण का लाभ लेने के लिए इन प्रमाण पत्रों की तत्काल जरूरत है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से राज्य के सभी उपायुक्तों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
विभाग ने कहा है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने तथा सरकारी शिक्षण संस्थानों में नामांकन के दौरान आरक्षण सहित अन्य कार्यों के लिए इन प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होती है. आवेदन बढ़ने के कारण कई जिलों में लोगों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
तीन महीने तक ऑफलाइन बनेगा प्रमाण पत्र
विभागीय पत्र जारी होने की तिथि से अगले तीन माह तक ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे. जामताड़ा में भी इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है. जामताड़ा एसडीओ अनन्त कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से तीन माह तक ऑफलाइन जाति, आय, स्थानीय निवासी एवं EWS प्रमाण पत्र बनाने की अनुमति से संबंधित पत्र प्राप्त हुआ है. अंचल कार्यालयों में ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इन प्रमाण पत्रों की जरूरत है, वे आवश्यक दस्तावेज के साथ संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं.
लंबित आवेदनों पर भी अब तेजी से होगी कार्रवाई
सरकार ने केवल नए आवेदनों के लिए ही नहीं, बल्कि पहले से लंबित आवेदनों को लेकर भी सख्त निर्देश दिया है. सभी प्राप्त एवं लंबित आवेदनों की मिशन मोड में जांच कर नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी करने को कहा है. इसके अलावा लंबित, निष्पादित और निरस्त आवेदनों की पूरी विवरणी विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
DC स्तर से होगी रोजाना निगरानी
पूरी प्रक्रिया की निगरानी अब जिला स्तर पर भी होगी. उपायुक्तों को अपने स्तर से प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही पहले ऑफलाइन माध्यम से जारी किए जा चुके प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया है.
सरकार के इस फैसले से जामताड़ा जिले के उन हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन और लंबी प्रक्रिया के कारण परेशान थे.
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