Jamtara : पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार टीम के साथ करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिंडारी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एक गिरोह का पर्दाफाश किया है.
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर थाना की टीम ने कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया. हालांकि गिरोह का एक सदस्य इमरान अंसारी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है.

गिरफ्तार आरोपियों में अरबाज अंसारी (20 वर्ष), शरीफ अंसारी (20 वर्ष), इरफान अंसारी (19 वर्ष) व फरीद अंसारी (19 वर्ष) शामिल हैं. पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, एक लैपटॉप बरामद किया है.
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर खुद को कूरियर कंपनी का कस्टमर केयर बताकर लोगों के मोबाइल पर फर्जी APK फाइल भेजते थे. APK इंस्टॉल कराते ही वे पीड़ितों की गोपनीय जानकारी हासिल कर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे.
इस मामले में थाना कांड संख्या 49/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार शरीफ अंसारी गिरोह का मास्टर ट्रेनर बताया जा रहा है. वह युवकों को साइबर ठगी के तरीके सिखाने और उन्हें प्रशिक्षण देने का काम करता था. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने युवकों को साइबर अपराध की ट्रेनिंग दी है और गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है.
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला है. फरार आरोपी इमरान अंसारी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है.
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