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Jamtara News: डीसी आलोक कुमार की अपील, मिट्टी के दीयों से मनाए दीपावली

Jamtara News: उपायुक्त ने कहा कि मिट्टी के दीये हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पहचान के प्रतीक हैं. इनकी खरीदारी से स्थानीय कुम्हारों, शिल्पकारों और छोटे कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलती है. हमारा खरीदा हुआ प्रत्येक दीया किसी कारीगर के परिवार की आजीविका को सहारा देने के साथ उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है.
 
डीसी आलोक कुमार
  • स्थानीय कुम्हारों की आजीविका को दें बढ़ावा: उपायुक्त 

Jamtara News: दीपावली पर्व को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने जिलेवासियों से स्वदेशी परंपरा अपनाने और मिट्टी के पारंपरिक दीयों को बढ़ावा देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि दीपावली केवल रोशनी और खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था से जुड़ा पर्व भी है. ऐसे में लोग अपने घरों, प्रतिष्ठानों और पूजा स्थलों को मिट्टी के दीयों से रोशन कर स्थानीय कारीगरों के हुनर और मेहनत को सम्मान दें.


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उपायुक्त ने कहा कि मिट्टी के दीये हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पहचान के प्रतीक हैं. इनकी खरीदारी से स्थानीय कुम्हारों, शिल्पकारों और छोटे कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलती है. हमारा खरीदा हुआ प्रत्येक दीया किसी कारीगर के परिवार की आजीविका को सहारा देने के साथ उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है.

 

उन्होंने जिलेवासियों से आधुनिक सजावटी विद्युत लाइटों के साथ पारंपरिक मिट्टी के दीयों को भी दीपावली उत्सव का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की. साथ ही 'वोकल फॉर लोकल' और आत्मनिर्भर भारत की भावना को अपनाते हुए स्थानीय बाजारों से मिट्टी के दीये एवं स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया.

 

डीसी ने कहा कि इस दीपावली ऐसा संकल्प लें कि अपने घरों को रोशन करने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों के घरों में भी खुशियों का उजाला पहुंचाएं. आम लोगों की छोटी-सी पहल पारंपरिक हस्तकला के संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

 

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