Jamtara: जामताड़ाल के उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति और पीसी-पीएनडीटी एक्ट से संबंधित समीक्षा बैठक हुई. बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, टीबी अभियान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कुष्ठ उन्मूलन, डेंगू नियंत्रण तथा अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन की विस्तार से समीक्षा की गई.

उपायुक्त आलोक कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने 100 दिवस टीबी अभियान की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिला टीबी समन्वयक से स्पष्टीकरण मांगने तथा प्रदर्शन में सुधार होने तक उनका वेतन स्थगित रखने का निर्देश दिया. साथ ही निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की हर 15 दिन पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा होगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, एनसीडी, मलेरिया, कालाजार, फाइलेरिया और डेंगू नियंत्रण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने जिले में बढ़ रहे कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) के मामलों को गंभीरता से लेते हुए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, समय पर जांच, उपचार और मरीजों के संपर्क में आए लोगों को दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
इसी क्रम में आयोजित पीसी-पीएनडीटी एक्ट की जिला सलाहकार समिति की बैठक में जिले के अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस से जुड़े चार प्रस्तावों (तीन नवीनीकरण एवं एक नए पंजीकरण) की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच कानूनन अपराध है. यदि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र की इसमें संलिप्तता पाई गई तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद, विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित संबंधित पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे.
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