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Patna : छात्र प्रदर्शन हिंसा मामले में कार्रवाई, 57 अरेस्ट, 21 FIR, 3,268 पर केस, 177 संदिग्धों की तस्वीरें जारी

टना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. इस मामले में अब तक 57 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर पथराव करने और आम लोगों के वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप हैं.
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Lagatar Desk :  पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. इस मामले में अब तक 57 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर पथराव करने और आम लोगों के वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप हैं.

 

पुलिस ने इस मामले में कोतवाली, गांधी मैदान, सचिवालय और शास्त्रीनगर थानों में 21 एफआईआर दर्ज की है. सबसे ज्यादा मामले कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज हुए हैं. इनमें 268 लोगों को नामजद किया गया है. जबकि करीब 3,000 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. यानी कुल 3,268 लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज हुआ है.

 

सीसीटीवी और सोशल मीडिया से हो रही पहचान

सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने 177 संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की है और लोगों से इनकी पहचान बताने की अपील की है.

पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी वीडियो और तस्वीरों की जांच की जा रही है. सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप को भी खंगाला जा रहा है. वहीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर लगातार छापेमारी की जा रही है.

 

छात्रसंघ अध्यक्ष भी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा कई अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच में जिनकी भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी.

 

लाठीचार्ज के बाद बिगड़ा माहौल

गौरतलब है कि छात्र संगठनों ने बुधवार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर गांधी मैदान से लोकभवन तक मार्च निकाला था. जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया.

 

इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और डाकबंगला चौराहा के आसपास पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान सरकारी और निजी वाहनों में तोड़फोड़ हुई. कई पुलिसकर्मी घायल हुए. कुछ छात्रों, मीडियाकर्मियों और आम लोगों को भी चोटें आईं.

 

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है. लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध जानकारी की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई है.

 

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