Jamtara : जिले में साइबर अपराध के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे है. इसके तहत जामताड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में साइबर टीम गठित की गई. साइबर थाना की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रईस अंसारी (26 वर्ष), ग्राम नवाडीह, थाना करमाटांड़ और अहमद अंसारी (26 वर्ष), ग्राम तारासरिया, थाना नारायणपुर के रूप में हुई है.
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गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार ने साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल व पुलिस टीम के साथ करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ताराबहाल-नवाडीह मार्ग में बंद पड़े मकान और नारायणपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर-तारासरिया मार्ग के पुल के पास छापेमारी की. इस कार्रवाई में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. उनके पास से 6 मोबाइल फोन, 7 सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद हुए है.
ऐसे देते थे लोगों को ठगी का शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि एक आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर KYC अपडेट कराने के नाम पर लोगों से एटीएम कार्ड व बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर खातों से पैसे उड़ा देते थे. वहीं दूसरा आरोपी PhonePe पर ₹999 कैशबैक का फर्जी मैसेज भेजकर लोगों से लिंक स्वीकार करवाता था और इसके बाद उनके खातों से ठगी की वारदात को अंजाम देता था. इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 40/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.
साइबर डीएसपी अमित कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या कैशबैक ऑफर पर भरोसा न करें. बैंक, यूपीआई या ओटीपी से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें. किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें.
साइबर डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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