Jamtara: उपायुक्त के जनता दरबार में मंगलवार के दिन भावुक पल देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग फरियादी ने अपनी व्यथा कहते ही फफक-फफक कर रो पड़ा. उसने कांपती आवाज में अपनी बेबसी बयां किया और न्याय की गुहार लगाई. उपायुक्त ने भी उसकी फरियाद पर सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया.
दरअसल, बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाला बुजुर्ग वर्षों से दूध बेचकर अपना परिवार चलाता है. बड़ी मेहनत और पाई-पाई जोड़कर उसने 13 दुधारू गाय खरीदी थीं. 17 जनवरी को वह उन गायों को लेकर पश्चिम बंगाल जा रहा था, लेकिन रास्ते में कुछ जरूरी कागजात नहीं होने के कारण मिहिजाम पुलिस ने सभी गायों को जब्त कर गौशाला में रखवा दिया.
चार महीने से यह बुजुर्ग इंसाफ की आस में दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि जब्त गायों के चारा, दवा और देखभाल का खर्च भी उसी को उठाना पड़ रहा है. उसके साथ 10 छोटे बछड़े भी थे, जिनमें से 6 की मौत हो चुकी है.
उपायुक्त आलोक कुमार ने बुजुर्ग की फरियाद सुनने के बाद सभी कागजात देखे और मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ को कड़ा निर्देश दिया कि मामले का जल्द समाधान कर गायों को लौटाने की प्रक्रिया पूरी की जाए. उपायुक्त से आश्वासन मिलने के बाद बुजुर्ग की आंखों में फिर से उम्मीद की चमक लौट आई. चार महीनों से टूट चुका इंसान पहली बार यह महसूस कर रहा था कि शायद अब उसे न्याय मिल सकेगा.
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