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Jamtara News : बालू लदे हाइवा हादसे के बाद स्रोत पर सवाल, बिहार के चालान पर टुंडी से ढुलाई का आरोप

Jamtara News : वाहन चालक के अनुसार, हाइवा पर बिहार से बालू लोड कर कोलकाता ले जाया जा रहा था. मोहड़ा के पास सामने चल रहे एक ट्रक को बचाने के दौरान चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद हाइवा पेड़ से टकराते हुए खेत में जा घुसा. घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. सूचना मिलने पर जामताड़ा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. दुर्घटनाग्रस्त वाहन को खेत से बाहर निकालने के लिए दो जेसीबी और एक क्रेन की मदद ली गई. काफी मशक्कत के बाद हाइवा  को बाहर निकाला गया.
 
हाइवा दुर्घटनाग्रस्त
  • बिहार के चालान पर धनबाद के टुंडी से बालू ढुलाई का ग्रामीणों ने लगाया आरोप, जीपीएस और टोल टैक्स रिकॉर्ड की जांच की मांग

Jamtara News : जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा में रविवार की अहले सुबह करीब चार बजे बालू लदा 14 पहिया हाइवा दुर्घटनाग्रस्त हो गया. एक ट्रक को बचाने के प्रयास में हाइवा अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया और सड़क किनारे खेत में जा घुसा. हादसे में वाहन का अगला शीशा और केबिन क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि, राहत की बात रही कि चालक और हेल्पर बाल-बाल बच गए.

 

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वाहन चालक के अनुसार, हाइवा पर बिहार से बालू लोड कर कोलकाता ले जाया जा रहा था. मोहड़ा के पास सामने चल रहे एक ट्रक को बचाने के दौरान चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद हाइवा पेड़ से टकराते हुए खेत में जा घुसा. घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. सूचना मिलने पर जामताड़ा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. दुर्घटनाग्रस्त वाहन को खेत से बाहर निकालने के लिए दो जेसीबी और एक क्रेन की मदद ली गई. काफी मशक्कत के बाद हाइवा  को बाहर निकाला गया.

 

हादसे के बाद बालू ढुलाई के स्रोत पर उठे सवाल

दुर्घटना के बाद बालू लदे हाइवा के परिचालन और बालू के स्रोत को लेकर इलाके में चर्चाएं तेज हो गई हैं. स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि रात के समय इसी तरह के 15 से 20 हाइवा बालू लेकर इस मार्ग से गुजरते हैं. ग्रामीणों के अनुसार, ये वाहन धनबाद जिले के टुंडी से करमदाहा, देवालबाड़ी, जुम्मन मोड़ और पण्डेडीह होते हुए नारायणपुर और जामताड़ा के रास्ते पश्चिम बंगाल की ओर जाते हैं.

 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बालू धनबाद जिले के टुंडी क्षेत्र के विभिन्न घाटों से उठाया जाता है, जबकि वाहनों के पास बिहार के चकाई जिले का चालान होने की बात कही जा रही है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. दुर्घटनाग्रस्त हाइवा में लदे बालू के वास्तविक स्रोत और चालान की वैधता की भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.

 

जीपीएस और टोल टैक्स रिकॉर्ड की जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि यदि बालू बिहार के चकाई से लोड होकर आ रहा है, तो वाहनों की आवाजाही के रूट की जांच होनी चाहिए. वहीं, यदि बालू टुंडी से उठाया जा रहा है, तो चालान में दर्ज स्रोत और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है.

 

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से दुर्घटनाग्रस्त हाइवा  के चालान, वाहन के जीपीएस डेटा, टोल टैक्स रिकॉर्ड औहर बालू के लोडिंग स्थल की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन वास्तव में कहां से बालू लेकर चला था और परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दस्तावेज नियमानुसार हैं या नहीं.

 

फिलहाल, दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. वहीं, बालू के स्रोत और परिवहन संबंधी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

 

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