Jamtara : जामताड़ा जिले की गोपालपुर पंचायत के शहरबेड़ा गांव में पिछले दिनों समय पर 108 एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण मरीज को ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाना पड़ा था. बाद में उसकी मौत हो गई थी. इस मामले में सिविल सर्जन ने प्रेसवार्ता कर अपनी प्रतिक्रिया दी. कहा कि मृतक के पुत्र ने 108 एंबुलेंस सेवा को फोन नहीं किया था. केवल स्थानीय सहिया ने एक बार कॉल किया था, लेकिन वह "फॉल्स रिंग" की स्थिति में रहा.
सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिले में कुल 13 एंबेलेंस में आठ खराब हैं. केवल पांच ही सही स्थिति में हैं. वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह ने अभियान निर्देशक को जो रिपोर्ट दी है उसमे बताया गया कि जामताड़ा जिले में कुल 14 एंबुलेंस हैं. इनमें से एक एंबुलेंस हैंडओवर की प्रक्रिया में है, जबकि शेष 13 सक्रिय हैं.
स्वास्थ्य विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के परस्पर विरोधी बयानों ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है. अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिले में एंबुलेंस की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति क्या है. दोनों में से कौन सही है और कौन गलत, इसका जवाब स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को ही देना होगा. स्थानीय स्तर पर इस विरोधाभास को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.
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