- कर्माटांड़ में 30-35 ट्रैक्टरों से अवैध बालू के परिचालन का दावा
- देवघर के करौं क्षेत्र से बालू लाकर जामताड़ा में खपाने की चर्चा
- प्रशासनिक निगरानी पर उठ रहे सवाल
Jamtara News: जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ थाना क्षेत्र में इन दिनों रात के अंधेरे में बालू के कथित अवैध कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि देवघर जिले के करौं थाना क्षेत्र स्थित जयंती नदी के विभिन्न घाटों से ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू का उठाव कर कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया जा रहा है.
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ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिदिन शाम ढलते ही बालू लदे ट्रैक्टरों का परिचालन शुरू हो जाता है. रातभर ट्रैक्टरों की आवाजाही जारी रहती है और सुबह करीब आठ बजे तक यह सिलसिला चलता है. ग्रामीणों का दावा है कि इस दौरान करीब 30 से 35 ट्रैक्टर बालू लेकर कर्माटांड़ क्षेत्र से होकर गुजरते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में बालू लदे ट्रैक्टर कर्माटांड़ बाजार समेत क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं. इतने बड़े पैमाने पर वाहनों की आवाजाही से प्रशासन बेखबर है. प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि बालू परिवहन के दौरान नियमों और एनजीटी के निर्देशों का कितना पालन हो रहा है, इसकी जांच जरूरी है.
गौरतलब है कि जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाते रहे हैं. इसके बावजूद यदि रातभर बालू लदे दर्जनों ट्रैक्टरों का परिचालन हो रहा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, बालू के स्रोत और परिवहन की वैधता की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अब देखना यह है कि रात के अंधेरे में चल रहे इस कथित बालू परिवहन पर प्रशासन की नजर कब पड़ती है.
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