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जामताड़ा पुलिस की कार्रवाई: साइबर ठगी के आरोप में चार गिरफ्तार, 9 मोबाइल व 10 सिम बरामद

Jamtara News : पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल ने यह कार्रवाई की. टीम में साइबर थाना के पुनि-सह-थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुनि विकास कुमार तिवारी और पुअनि हीरालाल महतो शामिल थे.
 
साइबर अपराधी गिरफ्तार

Jamtara News : साइबर अपराध के खिलाफ जामताड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं.

 

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पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल ने यह कार्रवाई की. टीम में साइबर थाना के पुनि-सह-थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुनि विकास कुमार तिवारी और पुअनि हीरालाल महतो शामिल थे.


नारायणपुर में एक, कर्माटांड़ में तीन गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, नारायणपुर थाना क्षेत्र के बांका गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बरामदे से एक साइबर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. वहीं, कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव स्थित शीतलपुर मैदान में छापेमारी कर तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा गया.

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हसीम अंसारी (28), पिता अनवर मियां, ग्राम तारासोरिया, थाना नारायणपुर; सैयद अंसारी (31), पिता जब्बार मियां, ग्राम रटानिया; कोसर अंसारी (26), पिता सकुर अंसारी; और अफताब हुसैन (19), पिता निजाम मियां, ग्राम ताराबहाल के रूप में हुई है. सभी जामताड़ा जिले के निवासी बताए गए हैं.

 

ऐसे करते थे साइबर ठगी

पुलिस के मुताबिक आरोपी कैनरा बैंक का फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करते थे. इसके अलावा फोन पर 999 रुपये के कैशबैक का मैसेज भेजकर ग्राहक को उसे स्वीकार करने के लिए कहा जाता था.

 

जैसे ही पीड़ित व्यक्ति लिंक अथवा विकल्प को स्वीकार करता था, उसके फर्जी ऐप के माध्यम से ठगी की जाती थी. पुलिस ने बताया कि प्राथमिक अभियुक्त हसीम अंसारी जामताड़ा साइबर अपराध थाना कांड संख्या 40/26 में भी आरोपी है.

 

विभिन्न राज्यों तक फैला था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार साइबर अपराधियों का कार्य क्षेत्र देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था. मामले में आईटी एक्ट एवं टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कांड दर्ज किया गया है.

 

पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड के आधार पर साइबर नेटवर्क की आगे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

 

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