Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान चतरा के विधायक जनार्दन पासवान ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया. उन्होंने निजी अस्पतालों की मनमानी, जिला अस्पतालों की बदहाल स्थिति और धान खरीद केंद्रों में गड़बड़ी का मुद्दा सदन में उठाया.
जनार्दन पासवान ने कहा कि कई निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के बाद उनके परिजनों को बाहर कर दिया जाता है और बाद में भारी-भरकम बिल थमा दिया जाता है. उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों को 2 से 3 लाख रुपये तक का बिल चुकाने में काफी परेशानी होती है. उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी अस्पतालों के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और मरीज के साथ कम से कम एक अटेंडेंट को अस्पताल के अंदर रहने की अनुमति दी जाए.
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उन्होंने जिला अस्पतालों की स्थिति पर भी चिंता जताई. विधायक ने कहा कि कई जिला अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए 2 से 3 महीने तक इंतजार करना पड़ता है. पहले अस्पतालों के पास इलाज के लिए कुछ राशि उपलब्ध रहती थी, लेकिन अब कई जगहों पर फंड की कमी देखने को मिल रही है.
जनार्दन पासवान ने बताया कि कई जिला अस्पतालों में डायलिसिस मशीनें तो उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए ऑपरेटर और डॉक्टर नहीं हैं. विधायक ने सरकार से मांग की कि जिला अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार किया जाए, अस्पतालों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाए और महिला डॉक्टरों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए.
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