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जसवंत सिंह हत्याकांड: HC ने ओम प्रकाश की रिहाई के खिलाफ सरकार की अपील को सुनवाई योग्य माना

Ranchi: एचईसी के श्रमिक नेता दिवंगत राणा संग्राम सिंह के पुत्र ठाकुर जसवंत सिंह हत्याकांड में ओम प्रकाश उर्फ गुड्डू की रिहाई के खिलाफ राज्य सरकार की इक्विटील अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार की अपील को सुनवाई योग्य मानते हुए विस्तृत सुनवाई करने का निर्णय लिया.
 
  • अब इस मामले के साथ  3 सजायाफ्ता की सजा के खिलाफ अपील पर भी होगी सुनवाई

Ranchi: एचईसी के श्रमिक नेता दिवंगत राणा संग्राम सिंह के पुत्र ठाकुर जसवंत सिंह हत्याकांड में ओम प्रकाश उर्फ गुड्डू की रिहाई के खिलाफ राज्य सरकार की इक्विटील अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार की अपील को सुनवाई योग्य मानते हुए विस्तृत सुनवाई करने का निर्णय लिया. 

 

कोर्ट ने कहा कि सरकार इस एक्विट्टल अपील के साथ मामले के 3 सजायाफ्ता (अमर सिंह,  वंश नारायण सिंह एवं उसका रणधीर सिंह) द्वारा दायर सजा के खिलाफ अपील की भी सुनवाई होगी. इससे पहले ओम प्रकाश उर्फ गुड्डू की ओर से उनके अधिवक्ता कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए. पिछली सुनवाई में खंडपीठ ने मामले में ओम प्रकाश उर्फ गुड्डू को नोटिस जारी किया था. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता भोलानाथ ओझा ने पक्ष रखा.

 

 मृतक के तीन रिश्तेदारों को मिली थी उम्र कैद


 सितंबर 2024 को मृतक के चचेरे ससुर अमर सिंह, चचेरे भाई वंश नारायण सिंह और उसके पुत्र रणधीर सिंह को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार सिंह की अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी. साथ इन तीन अभियुक्तों पर अदालत ने पांच-पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. वहीं एक अन्य आरोपी ओम प्रकाश उर्फ गुड्डू को कोर्ट ने रिहा कर दिया था. ओमप्रकाश को रिहा करने के आदेश को राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है.


 
वर्ष 2015 में ठाकुर यशवंत सिंह की हुई थी हत्या 


जमीन और बस चलाने के विवाद में हत्या की इस घटना को 9 अक्तूबर 2015 को धुर्वा के वीर कुंवर सिंह चौक के पास सुबह 8 बजे अंजाम दिया गया था. ठाकुर यशवंत सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हर दिन के तरह उस दिन भी यशवंत सिंह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले हुए थे. 
अभियुक्त पहले से ही घात लगाकर बैठा हुआ था. मौका देखकर गोली चलाई, जिसमें जसवंत सिंह की मौत हो गई थी. जबकि जसवंत के भाई राणा प्रताप सिंह को सिर पर लाठी से मारकर घायल कर दिया गया था. मामले को लेकर धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

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