Ranchi: अंबा प्रसाद ने एक बयान जारी कर राज्य में राजस्व प्रबंधन से जुड़े कथित घोटाले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने चाणक्य के कथन “कोष मूलो दण्डः का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्व ही राज्य की रीढ़ है और जब इसकी सुरक्षा में लगे तंत्र द्वारा ही सेंधमारी हो, तो विकास संभव नहीं है.
उन्होंने सवाल किया कि कुबेर पोर्टल के सॉफ्टवेयर प्रोटेक्शन की जिम्मेदारी किसकी थी और 2018 से जारी इस गड़बड़ी पर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया गया. ‘Integrated Government Fund Management System’ में वर्षों से हो रही इस अनियमितता को लेकर उन्होंने कहा कि आखिर इसके लिए जिम्मेदार लोग कौन हैं.
अंबा ने यह भी आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों के पास सरकारी खजाने की निगरानी की जिम्मेदारी थी, वहीं अब इस मामले की जांच कर रहे हैं. उन्होंने इसे ‘Principles of Natural Justice’ का उल्लंघन बताते हुए कहा कि Accused is the Investigator जैसी स्थिति बन गई है.
उन्होंने कुसुंभा कांड का जिक्र करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और कहा कि इस तरह के मामलों की शुरुआत भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई, जबकि अब वही पार्टी वर्तमान सरकार के खिलाफ आवाज उठा रही है.
प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अंबा ने कहा कि उन्होंने पहले ही इन मुद्दों पर आवाज उठाई थी, लेकिन उस समय उनका विरोध किया गया. अब जब मामला सामने आ रहा है, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए.अंत में उन्होंने कहा कि यह पैसा जनता का है, इसलिए सरकार और संबंधित अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
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