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जरूरी कागजात नहीं होने के कारण झारखंड में कई अस्पतालों का माइग्रेशन रुका

Ranchi : झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के तहत गुरुवार को एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की. बैठक में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

 

बैठक में अस्पताल सूचीबद्धता और हॉस्पिटल इम्पैनलमेंट मॉड्यूल 2.0 पोर्टल पर अस्पतालों के माइग्रेशन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई. साथ ही फायर सेफ्टी एनओसी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और बिल्डिंग प्लान अप्रूवल जैसे जरूरी पहलुओं पर भी चर्चा हुई.

 

समीक्षा के दौरान सामने आया कि एचईएम 2.0 पोर्टल पर अस्पतालों का माइग्रेशन अभी संतोषजनक नहीं है. खासकर निजी अस्पतालों की स्थिति कमजोर पाई गई. कई अस्पताल जरूरी लाइसेंस और स्वीकृतियों के अभाव में माइग्रेशन नहीं कर पा रहे हैं.

 

बैठक में साफ किया गया कि जो अस्पताल एचईएम 2.0 पर माइग्रेट नहीं करेंगे, उन्हें मिलने वाला इंसेंटिव बंद कर दिया जाएगा. साथ ही आने वाले समय में प्री ऑथराइजेशन की सुविधा भी बंद की जा सकती है. अभी किसी भी अस्पताल में नई स्पेशलिटी जोड़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

 

अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि जरूरी लाइसेंस और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को तेज किया जाए. उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर लंबित मामलों को जल्द सुलझाने पर जोर दिया.

 

बैठक में आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई और यह तय किया गया कि अस्पतालों को सभी वैधानिक लाइसेंस समय पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित किया जाएगा.

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