Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान विधायक दशरथ गगराई ने श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास व उद्योग विभाग की अनुदान मांगों का समर्थन करते हुए सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं पर अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन, श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है.
गगराई ने कौशल विकास विभाग के लिए प्रस्तावित बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में लगभग 6 लाख युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा गया. इनमें से आधे से अधिक युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार मिला है.
राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित रोजगार मेले के जरिये करीब 13 हजार युवाओं को रोजगार मिला है.
विधायक ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए ई-पोर्टल पर निबंधन को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना या समस्या की स्थिति में इससे सरकार को श्रमिकों की मदद करने में आसानी होगी.
उन्होंने जानकारी दी कि ई-श्रम पोर्टल पर लगभग 98 लाख असंगठित श्रमिकों का निबंधन हो चुका है, जिन्हें करीब 61 करोड़ रुपये की योजनाओं का लाभ दिया गया है.
इसके अलावा भवन निर्माण से जुड़े लगभग 4 लाख श्रमिकों का भी निबंधन किया गया है.
विधायक ने उद्योग विभाग के लिए 541 करोड़ 30 लाख रुपये के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले वर्ष में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है. इससे लगभग 15 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है.
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लागू किए गए उस नियम को सख्ती से लागू करने की मांग की, जिसके तहत 40 हजार रुपये से कम वेतन वाली निजी नौकरियों में 75 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान है.
उन्होंने कहा कि झारखंड की जमीन पर चलने वाले उद्योगों में बाहरी लोगों का वर्चस्व राज्य के लिए चिंता का विषय है.
दशरथ गगराई ने तसर उत्पादन के लिए 1800 मीट्रिक टन का लक्ष्य तय करने के लिए सरकार की सराहना की. उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र खरसावां के तसर सिल्क सेंटर का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि यहां पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी आए थे. उन्होंने सरकार से इस केंद्र को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करने की मांग की.
विधायक ने केंद्र सरकार की आवास योजना की आलोचना की. जबकि राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना को सराहा. कहा कि इस योजना से राज्य के हजारों गरीब परिवारों को लाभ मिल रहा है.
उन्होंने वृद्धों के लिए पेंशन की उम्र 60 वर्ष से घटाकर 50 वर्ष करने और बिजली बिल माफी जैसे फैसलों को ऐतिहासिक बताया. गगराई ने मातृत्व सुविधा, विवाह और साइकिल सहायता जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया.
साथ ही युवाओं द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी के कारण बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और परिवहन विभाग द्वारा प्रखंड स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की.
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