Ranchi : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और झारखंड हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. इरफान अंसारी ने वीडिओ कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गुरुवार को सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. यह बैठक हज हाउस, कडरू, रांची में आयोजित की गई.
बैठक में हज 2026 के लिए सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन कार्यक्रम को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही सिविल सर्जनों को यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए.
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष झारखंड से लगभग 1670 हज यात्री सऊदी अरब जाएंगे. भारत सरकार की नई गाइडलाइन के तहत इस बार केवल टीकाकरण ही नहीं बल्कि विस्तृत मेडिकल जांच को अनिवार्य किया गया है, ताकि कोई भी अस्वस्थ या अनफिट यात्री हज यात्रा पर न जाए.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी हज यात्रियों को सीबीसी, ब्लड शुगर, एचआईवी, ब्लड ग्रुप और एचबीएस एजी की जांच करानी होगी.
इसके अलावा लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, चेस्ट एक्सरे, ईसीजी और पूरे पेट की अल्ट्रासोनोग्राफी भी अनिवार्य की गई है. महिला यात्रियों के लिए प्रेगनेंसी किट टेस्ट भी जरूरी होगा.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी यात्री में डायलिसिस पर चल रही किडनी बीमारी या लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी पाई जाती है, तो उन्हें अनफिट घोषित किया जा सकता है.
मंत्री अंसारी ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया गया कि हज यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो. यात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्येक जिला अस्पताल में एक नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी, जो पूरी स्क्रीनिंग प्रक्रिया की निगरानी करेगा. यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी मेडिकल जांच पूरी तरह निशुल्क होंगी.
धनबाद, गढ़वा और जामताड़ा जैसे कुछ जिलों में अल्ट्रासाउंड सुविधा की कमी पर विशेष चर्चा की गई. अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जहां सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड उपलब्ध नहीं है, वहां निजी केंद्रों से जांच कराई जाए और उसका बिल स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाए, जिसका भुगतान सरकार करेगी.
पूर्वी सिंहभूम से 268, रांची से लगभग 290 से 297, धनबाद से 136, बोकारो से 131, गिरिडीह से 130, हजारीबाग से 95 और पलामू से 50 यात्री हज पर जाएंगे. इसके अलावा गुमला से 21, देवघर से 29, दुमका से 13, लोहरदगा से 27 और सिमडेगा से 11 यात्रियों के जाने की जानकारी दी गई.
डॉ अंसारी ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे समय पर मेडिकल रिपोर्ट और टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी करें, क्योंकि हज यात्रा की समयसीमा नजदीक है. अंत में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की गई कि वे इसे सेवा का अवसर मानकर पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपना कार्य करें.
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