Ranchi : झारखंड विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा के दौरान थोड़ी देर के लिए चर्चा राष्ट्रगान जन गण मन पर भी चर्चा हुई. सत्ता पक्ष की तरफ से हेमलाल मुर्मू ने केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रगान जन गण मन से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गाने को अनिवार्य किये जाने को लेकर गुरुवार को झारखंड विधानसभा में चर्चा शुरु की. वंदे मातरम, रविंद्र नाथ टैगोर, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर बात की. उन्होंने कहा कि हम धर्मनिरपेक्ष देश हैं.
इसी दौरान भाजपा की तरफ से नीरा यादव ने कहा कि क्या अपनी संस्कृति, सभ्यता के बारे में बताना भी गुनाह हो गया है. इस पर हेमलाल मुर्मी ने कहा कि जाति-धर्म के नाम पर देश को तोड़ने का काम नहीं करते. राष्ट्रगान जन गण मन से कुछ पंक्तियां हटायी गयी थी. क्योंकि उससे एक धर्म को लेकर अलग भाव पैदा होता था.
हेमलाल मुर्मू ने आगे मनरेगा योजना पर चर्चा की. बताया कि बहुत सोच विचार के बाद केंद्र सरकार ने मजदूरों को 100 दिन काम देने की गारंटी दी. अब इसे बदल कर भाजपा मनरेगा से महात्मा गांधी को हटाना चाहती है. अब नाम बदल कर इसे जी रामजी कर दिया. ऐसा लगता है आगे चल कर इसका नाम हनुमान जी कर देंगे. विपक्ष की टोका टिप्पणी पर हेमलाल मुर्मू ने कहा कि गांधी जी से परहेज क्यों किया गया. जब गांधी भी गुजरात के ही थे. लेकिन उनके नाम से परहेज किया गया. पहले 100 दिन काम नहीं मिलने पर भी मजदूरी देने का प्रावधान था. अब सारे अधिकार सरकार के पास है. राज्य के अधिकारों में कटौती की गई. यही है भाजपा की सोंच.
महिलाओं को 60 प्रतिशत रोजगार मिलता था. उसमें भी कटौती कर दी गई है. राज्यों के अधिकार को कम कर दिया. सत्य और अहिंसा को बदल पर देश को आजादी दिलायी. आज भाजपा द्वारा उन्हें अपमानित किया जा रहा है. जनता को दिग्भ्रमित किया जा रहा है. सारे ताने-बाने वोट के लिए हैं.
प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय, स्टेशन का नाम बदला जा रहा है. इसका मतलब है भाजपा धर्मनिरपेक्ष राज का विभाजन करना, सौहार्द को खत्म करना, यही इनकी सोच है.
भाजपा की जन विरोधी एवं भययुक्त शाषण को जनता देख रही है. जी रामजी को खत्म कर मनरेगा लाया जाये.
अंत में हेमलाल ने यह कह कर अपना वक्तव्य खत्म किया- तूने छीनी है रोटियां हमसे और झूठ का परोसा है थाल. बेच दी देश की विरासत, कर दी देश की दुर्दशा बेहाल. तेरी हर नीति में जहर है, तूने भाईचारे को लड़ाया. न्याय की बात करने वालों को तूने सलाखों के पीछे पहुंचाया.
इसके बाद हेमलाल मुर्मू ने पेसा कानून को लेकर चर्चा शुरु की. कहा कि भाजपा इसे लेकर लोगों को बरगलाती रही है. आदिवासियों का सरना धर्म कोड की मांग बहुत पुरानी है. हमारी सरकार इसे विधानसभा से पास कराकर भेजती है. केंद्र सरकार इसे दरकिनार करती रही है. मोहन भागवत यहां आते हैं, तो वह सरना धर्म कोड के भाजपा के एजेंडे को बेनकाब करते हैं.
भाजपा ओबीसी विरोधी भी है. हमारी सरकार ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया. लेकिन भाजपा ने इसे कम करके 14 प्रतिशत कर दिया. और कहते हैं बड़े हिमायती हैं ओबीसी के.
इसी बीच भाजपा विधायक सीपी सिंह ने बोलना शुरु किया. कहा कि माननीय ओजस्वी भाषण दे रहे हैं. लेकिन पता नहीं क्यों ये भाजपा में भी आये थे. इस पर हेमलाल मुर्मू ने कहा कि भाजपा में रहकर अब कोई नहीं जीतेगा.
हेमलाल मुर्मू ने आगे कहा कि भाजपा युवाओं को बरगला कर उन्हें कोर्ट भेज देती है. ताकि युवाओं को नौकरी नहीं मिले. छात्रवृत्ति नहीं मिलने के सवाल पर मुर्मू ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले आये थे रांची औऱ कहा कि हेमंत जी कांग्रेस का साथ छोड़ो, मोदी जी के साथ आओ, तभी छात्रवृत्ति देंगे. ये हमें डराना चाहते हैं, हमलोग डरने वाले नहीं हैं.
झारखंड को अस्त-व्यस्त करने की कोशिश की जा रही है. कभी एनआरसी तो कभी बांग्लादेशी घुसपैठ की बात करते. लेकिन ये सफल नहीं हो रहे हैं. जहां बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा बनाया, उन सभी जगहों पर हम लोग जीते. झारखंड को अस्त-व्यस्त करने का सपना मुंगेरीलाल का हसीन सपना ही साबित होगा. वोट छीनने की राजनीति कर रहे हो. आप पिछले दरवाजे से सत्ता में आने चाह रहे हैं. आप सफल नहीं होंगे.
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