Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन तारांकित प्रश्वकाल में सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने पशु चिकित्सा से जुड़ी समस्याओं पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में पशु चिकित्सा केंद्र नहीं खुले हैं, केंद्रों में प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं हैं और टीकाकरण की कमी के कारण मवेशी मर रहे हैं.
इस पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जवाब दिया कि सरकार पशुपालकों के प्रति संवेदनशील है. जो आंकड़े दिये गये हैं, वह बिल्कुल सही है. पशुधन योजना, पशु चिकित्सालय से पशु पालकों को जोड़ा जा रहा है.
सिमडेगा में 12 मवेशियों की मौत के बाद सरकार की एक टीम ने गांवों का भ्रमण किया था. जांच में यह पता चला कि मवेशी जंगल में कुछ ऐसा खा ले रहे हैं, जिससे उनका पेट फुल जा रहा है और वे मर जा रहे हैं.
इसकी जांच की जा रही है. मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके इलाज की व्यवस्था की जायेगी. विधायक भूषण बाड़ा ने गांवों के पशु चिकित्सालय में व्यवस्था बढ़ाने का मांग की.
कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगारी ने पशुओं के संक्रमण बीमारियों के इलाज की व्यवस्था करने की मांग की. इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि विभाग मोबाइल वेटनरी वैन चला रही है.
किसान टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. मंत्री ने मृत पशुओं के मालिक को मुआवजा देने की मांग पर कहा कि अगर पोस्टमार्टम हुआ है, तो आवेदन करें. मुआवजा दिया जायेगा.
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