Search

 
 
 

सड़क की क्षमता 12 टन मगर पांच गुना ज्यादा वजन लेकर चल रही गाड़ियां, कंपनियों ने जताया एतराज

Ranchi: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों पर उसकी क्षमता से पांच गुना ज्यादा वजन लेकर बालू लदी गाड़ियां चल रही हैं. इससे होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए सड़क बनाने वाली कंपनियों से इसे रोकने का अनुरोध किया है.प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की क्षमता 10-12 टन होती है.
 

New Delhi: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों पर उसकी क्षमता से पांच गुना ज्यादा वजन लेकर बालू लदी गाड़ियां चल रही हैं. इससे होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए सड़क बनाने वाली कंपनियों से इसे रोकने का अनुरोध किया है.


प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की क्षमता 10-12 टन होती है. इससे अधिक वजन ढोने वाली गाड़ियों के चलने से सड़कें जल्दी टूटती हैं. इससे सड़क बनाने वाली कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ता है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की पांच साल तक के रखरखाव की जिम्मेवारी उस सड़क को बनाने वाली कंपनी की होती है. तीन साल के अंदर सड़कों के टूटने पर संबंधित कंपनी को सड़कों की मरम्मत करनी पड़ती है. इसके लिए कंपनी को किसी तरह का भुगतान नहीं किया जाता है.

 
बिमला इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी से सरकार को पत्र लिख कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों पर 45-50 टन बालू लेकर चलने वाली गाड़ियों को रोकने का अनुरोध किया है. बिमला इंटरप्राइजेज की ओर से सराकर को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की क्षमता 10-12 टन ही है. 


इसके मुकाबले 45-50 टन बालू लदी गाड़ियां इन सड़कों पर चल रही है. बालू लदी इन गाड़ियों पर रोक लगायी जाये. अन्यथा निर्धारित समय सीमा में सड़कों के टूटने पर कंपनी की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही