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झारखंड विस बजट सत्र : टेंडर रद्द ना होने पर सदन में हंगामा, मंत्री के आश्वासन के बाद मामला शांत

  • 30 दिन में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध करायेगी सरकार
  • मंत्री के आश्वासन के बाद मामला शांत

Ranchi :   झारखंड विधानसभा बजट सत्र के छठें दिन सदन में ग्रामीण सड़कों और पुल निर्माण से जुड़े टेंडर रद्द न होने को लेकर जोरदार बहस हुई. लिट्टिपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने सवाल उठाया कि सरकार के आदेश के बावजूद मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत वर्ष 2024-25 में जारी कई टेंडर लंबे समय तक निष्पादित नहीं हुए.

 

उन्होंने कहा कि 180 दिन की वैधता समाप्त होने के बाद भी इन टेंडरों को रद्द नहीं किया गया. लिट्टिपाड़ा विधायक ने यह भी जानना चाहा कि क्या ऐसे मामलों में शिथिलता बरतने और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले अधिकारियों चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और अगर हां तो कब तक. 

 

इस पर ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने जवाब दिया कि पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है और 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी. यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. 


सदन में सड़क, पुल और पुलिया निर्माण में हो रही देरी को लेकर सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की. मंत्री के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ. 

 

 

 

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