- सुरेश बैठा ने बजट पर सरकार के विजन का किया समर्थन
Ranchi : झारखंड विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कांके विधायक सुरेश बैठा ने सरकार के विजन का समर्थन किया. उन्होंने कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की उपलब्धियां गिनवाई.
बैठा ने मनरेगा का नाम बदलने का विरोध करते हुए कहा कि राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और पूरी दुनिया उन्हें मानती हैं. लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को भी नहीं भुलाया जा सकता. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने वर्ष 2005 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नरेगा (मनरेगा) योजना शुरू की थी. जिसका नाम बदलकर वीबी जी राम जी कर दिया गया है.
झारखंड विधानसभा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
विधायक ने बताया कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के लिए 12 हजार 340 करोड़ 89 लाख 71 हजार रुपये का बजट रखा गया है. रोजगार के क्षेत्र में 12 करोड़ मानव दिवस का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से 10 करोड़ 46 लाख 96 हजार मानव दिवस का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है.
सुरेश ने कहा कि अबुआ आवास योजना के तहत 6 लाख 31 हजार 106 आवासों को स्वीकृति दी गई है. इनमें से 18 हजार 849 आवास पूरे हो चुके हैं और बाकी का काम 2025-26 में पूरा करने का लक्ष्य है. उन्होंने सुझाव दिया कि अबुआ आवास का नाम बदलकर दिशोम गुरु अबुआ आवास किया जाए.
कांके विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के फंड में कटौती कर रही है. उन्होंने कहा कि अबुआ आवास योजना में जियो टैगिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि दलालों की भूमिका खत्म हो और लाभुकों को सीधा फायदा मिले. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत 52 हजार 574 आवास पूरे किए गए हैं.
विधायक ने कहा कि वर्ष 1996 में बना पेसा कानून लंबे समय तक लागू नहीं किया गया, लेकिन महागठबंधन सरकार ने 2 जनवरी को इसे लागू कर दिया. उन्होंने मंत्री दीपिका पांडे से कहा कि जरूरत पड़ने पर इसमें सुधार किया जाए.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1826 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो चुका है. अगले वित्त वर्ष में 5600 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
बताया कि करीब 2 लाख 97 हजार महिला किसानों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है. मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत किसानों को बकरी, सूअर और गाय पालन के लिए सहायता दी जा रही है.
सुरेश बैठा ने कहा कि कई जिलों के गांवों को विकास के लिए 45 लाख रुपये दिए गए हैं. उन्होंने सिंचाई योजनाओं के लिए केंद्र से समय पर राशि नहीं मिलने की बात भी उठाई. अंत में उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में सुधार और बाहरी ठेकेदारों की जगह स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment