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झारखंड विस : नीरा यादव ने पेयजल संकट, पलायन, होल्डिंग टैक्स सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान कोडरमा विधायक नीरा यादव ने सदन में कई मुद्दों पर सरकार को घेरा.  उन्होंने नगर विकास, स्कूली शिक्षा और पर्यटन विभाग की अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
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Ranchi :  झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान कोडरमा विधायक नीरा यादव ने सदन में कई मुद्दों पर सरकार को घेरा.  उन्होंने नगर विकास, स्कूली शिक्षा और पर्यटन विभाग की अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.

 

विधायक ने कहा कि राज्य में कई समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए. कहा कि नगर आर्थिक विकास का केंद्र होते हैं. लेकिन झारखंड के कई हिस्सों में आज भी लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

 

नीरा यादव ने कहा कि योजनाएं सिर्फ कागजों पर दिखाई देती है. लेकिन जमीन हकीकत इससे परे है. लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना और परेशान होना पड़ता है.

 

उन्होंने कहा कि झारखंड में गर्मी की शुरुआत होते ही कई जगहों पर महिलाएं और बच्चे पानी के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं. राज्य के कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बच्चे गड्ढों और असुरक्षित स्रोतों से पानी पीने को मजबूर हैं.

 

कोडरमा विधायक ने राज्य में बढ़ते पलायन पर भी चिंता जताई. कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है. लेकिन रोजगार के अभाव में यहां के युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है.

 

उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी के कारण युवा अपने परिवार को छोड़कर बाहर काम करने को मजबूर हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले कई वर्षों से जेटेट की परीक्षा क्यों नहीं कराई गई, जिससे कई योग्य युवा रोजगार से वंचित हैं.

 

विधायक ने नगर निकायों में बढ़े हुए होल्डिंग टैक्स का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कोडरमा सहित कई जगहों पर व्यापारियों और छोटे उद्यमियों पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है.

 

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेड लाइसेंस और होल्डिंग टैक्स के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कोडरमा में होल्डिंग टैक्स के विरोध में आंदोलन करने वाले लोगों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी की.

 

नीरा यादव ने सदन में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया. कहा कि कई निर्माण कार्यों में बाहरी मजदूरों को काम दिया जा रहा है. जबकि स्थानीय लोग बेरोजगार हैं.

 

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नए विधायक आवास में काम कर रहे कई मजदूर स्थानीय भाषा नहीं बोलते, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाहर के लोगों को काम दिया गया है.

 

विधायक ने शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि कागजों में स्कूलों में शौचालय और बिजली की व्यवस्था दिखाई जाती है, लेकिन कई जगहों पर शौचालय नहीं हैं और बच्चों को साफ पानी भी नहीं मिल रहा है.

 

उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि वहां पढ़ने वाली बच्चियों को कई बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है.

 

नीरा यादव ने  झुमरी तिलैया और कोडरमा में ट्रैफिक जाम की समस्या का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि झुमरी तिलैया के झंडा चौक से कोडरमा गांधी चौक तक जाने में कई बार 45 मिनट से एक घंटा लग जाता है.

 

इसके अलावा उन्होंने कचरा प्रबंधन की समस्या और बरकठा में एनएच-2 से जुड़े लंबित कार्यों का मुद्दा भी उठाया. विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि केवल कागजों और विज्ञापनों में विकास दिखाने के बजाय जमीन पर काम किया जाए, ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके.

 

 

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