Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन सदन के बाहर कोडरमा विधायक नीरा यादव ने नगर निकाय चुनाव में हुई कथित गड़बड़ियों और अव्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कई स्थानों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली. कुछ जगहों से झड़प व हिंसा की खबरें भी सामने आईं. वहीं कई जगहों पर मतदाता अपने मतदान केंद्र की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे.
नीरा यादव ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से नगर निकाय चुनाव को टालने की कोशिश की जाती रही और सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं थी. उन्होंने कहा कि भाजपा और न्यायालय के दबाव के बाद जब चुनाव कराने की तैयारी हुई, तो सरकार ने कई शर्तें लगा दीं.
उन्होंने कहा कि पहला निर्णय यह था कि चुनाव दलगत आधार पर नहीं होगा, जिसका उनकी पार्टी ने स्वागत किया. दूसरा, ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने का फैसला लिया गया, जिस पर भी कोई आपत्ति नहीं की गई.
वहीं तीसरा और सबसे गंभीर मुद्दा मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का रहा. उनके अनुसार, कई मतदाताओं के नाम इधर-उधर कर दिए गए और अनेक लोगों के नाम सूची से गायब मिले. विधायक ने कहा कि आम नागरिकों से लेकर प्रख्यात व्यक्तियों तक को इस अव्यवस्था का सामना करना पड़ा.
पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार बलबीर दत्त का उदाहरण देते हुए कहा कि वे एक बूथ से दूसरे बूथ तक जाते रहे, लेकिन सूची में नाम नहीं होने के कारण मतदान नहीं कर सके. इसी तरह 82 वर्षीय अनंत राम भी जब मतदान के लिए पहुंचे, तो सूची में उनका नाम नहीं मिला और वे वोट देने से वंचित रह गए.
विधायक ने कहा कि ऐसे कई मतदाता हैं, जो नाम गायब होने, बूथ दूर होने या अन्य कारणों से मतदान नहीं कर पाए, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक स्थिति है.
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