Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के 10वें दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा होने लगा. भाजपा विधायक हाथों में पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए और राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार व कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. कहा कि दुमका में मजदूर यूनियन के नेताओं को गोली मार दी गई. लेकिन अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है.
मरांडी ने रजरप्पा और गिरिडीह की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिला दिवस के अवसर पर गिरिडीह में उपायुक्त का व्यवहार भी सवालों के घेरे में है.
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में बिना पैसे कोई काम नहीं हो रहा है और सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. उन्होंने सदन में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की. कहा कि यह सरकार हेमंत सोरेन की नहीं, बल्कि बाबुओं की सरकार बन गई है.
इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यदि कार्यमंत्रणा समिति में इस विषय पर चर्चा का निर्णय होता तो सदन में जरूर चर्चा कराई जाती. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है और भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है.
उन्होंने विपक्ष से कहा कि यदि कोई विशेष मामला है तो उसे सदन में रखा जाए, सरकार उस पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए और सदन में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही.
हंगामे के बीच मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने तिवारी महतो को हाथ दिखाया तो वे वेल में पहुंच गए. भाजपा विधायक ने भी उनका साथ दिया. इसके बाद स्पीकर नाराज हो गए और तिवारी महतो को मार्शल आउट करने को कहा, जिसके बाद उन्हें सदन से बाहर ले जाया गया.
हालांकि वित्त मंत्री के हस्तक्षेप पर उन्हें फिर से सदन में बुला लिया गया.
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