Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भवनाथपुर के विधायक अनंत प्रताप देव ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा पेश बजट का जोरदार समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित झारखंड के संकल्प की मजबूत आधारशिला है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया है.
विधायक ने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण राज्य की विकास दर 8.2 प्रतिशत तक पहुंची है. साथ ही राजकोषीय घाटा भी 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखा गया है. उन्होंने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया.
कहा कि यह बजट गांव, गरीब और किसानों को समर्पित है. किसानों के लिए ऋण माफी की सीमा बढ़ाई गई है, जिससे भवनाथपुर क्षेत्र के हजारों किसानों को फायदा होगा. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस साल 2500 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. कृषि बजट का 12 प्रतिशत हिस्सा मध्यम और लघु सिंचाई योजनाओं पर खर्च किया जाएगा.
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए विधायक ने मंईयां सम्मान योजना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गरीब महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी. इसके अलावा सर्वजन पेंशन योजना के बजट में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.
भवनाथपुर क्षेत्र की बिजली समस्या पर उन्होंने कहा कि 2019 से पहले जहां 1 से 2 घंटे बिजली मिलती थी, वहीं अब 22 से 23 घंटे तक बिजली आपूर्ति हो रही है. बजट में सब स्टेशन के सुदृढ़ीकरण और विद्युतीकरण के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि दी गई है. सोन कनहर पाइपलाइन परियोजना के लिए अतिरिक्त धनराशि का भी उन्होंने स्वागत किया और कहा कि इससे पेयजल और सिंचाई की समस्या दूर होगी.
विधायक ने विपक्ष और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि भवनाथपुर स्थित सेल क्रेशर प्लांट को टुकड़ों में नीलाम कर दिया गया. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में भ्रष्टाचार ज्यादा था, जबकि वर्तमान सरकार डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे लोगों के खातों में भेज रही है.
पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बंशीधर नगर को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देने के फैसले की सराहना की. साथ ही स्कूल ऑफ एक्सीलेंसी के विस्तार को गरीब बच्चों के लिए लाभकारी बताया.
विधायक अनंत प्रताप देव ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों को विशेष पैकेज मिल रहे हैं, जबकि झारखंड को नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भीख नहीं, अपना हक मांग रही है और इसके लिए हर स्तर पर लड़ाई को तैयार है.
प्रधानमंत्री आवास योजना बंद होने के बाद राज्य ने अबुआ आवास योजना शुरू की, जिसके लिए 4100 करोड़ रुपये का प्रावधान है. इंदिरा गांधी वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन के लिए 463 करोड़ 58 लाख रुपये रखे गए हैं. मुख्यमंत्री पशुधन योजना के लिए 481 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार मजबूती से काम कर रही है.
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