Ranchi : मोहम्मद ताजुद्दीन ने कहा कि वर्तमान सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और गांव-देहात के लोगों को “अबुआ सरकार” का एहसास हुआ है. उन्होंने बताया कि “मंईयां सम्मान” जैसी योजनाओं से महिलाओं को पहचान और सशक्तिकरण मिला है.
ताजुद्दीन ने आरोप लगाया कि बांग्ला भाषी लोगों को दूसरे राज्यों में प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि वे झारखंड के ही निवासी और भारतीय हैं. उन्होंने कहा कि बंगला भाषी होना बांग्लादेशी होने का प्रमाण नहीं है.
साथ ही निकाय चुनाव में समाज को बांटने की राजनीति न करने की अपील की. उन्होंने केंद्र सरकार से चाय जाति और हलवाई जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग भी दोहराई.
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