Jamshedpur : JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के आह्वान पर मंगलवार को झारखंड बंद रखा गया.
जमशेदपुर में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला. हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में बंद का व्यापक प्रभाव नजर आया. गोलमुरी बाजार में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ आम लोगों ने भी बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं.
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन
छात्र JPSC-JSSC की कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में विधानसभा घेराव करने पहुंचे थे. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था. पुलिस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई थी. इसी कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
भाजपा नेताओं का कहना है कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे. ऐसे में उनके प्रदर्शन का जवाब लाठीचार्ज और बल प्रयोग से देना उचित नहीं है. भाजपा ने इसे छात्रों के साथ अत्याचार बताते हुए सरकार से पूरे मामले में जवाब मांगने की बात कही है.
गोलमुरी बाजार में दुकानदारों ने भी दिया बंद का समर्थन
बंद के दौरान गोलमुरी बाजार में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक दुकानदारों से बंद में सहयोग की अपील करते नजर आए. इसका असर बाजार में साफ दिखाई दिया. बड़ी संख्या में दुकानदारों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं और भाजपा के बंद का समर्थन किया. कई आम लोगों और व्यवसायियों ने भी छात्रों के मुद्दे को लेकर बंद का समर्थन किया.
जमशेदपुर में अलग-अलग इलाकों में अलग रहा असर
शहर के कई प्रमुख बाजारों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने घूम-घूमकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की. कुछ इलाकों में इसका असर दिखाई दिया और दुकानें बंद रहीं, जबकि अन्य क्षेत्रों में दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं. इसी वजह से पूरे जमशेदपुर में बंद का असर एक जैसा नहीं रहा.
बंद को लेकर प्रशासन अलर्ट
बंद को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी. संवेदनशील इलाकों और प्रमुख बाजारों में पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. आवश्यक सेवाओं, जैसे अस्पताल, एंबुलेंस और दवा दुकानों को बंद से बाहर रखा गया है.
JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा सियासी तौर पर भी गरमा गया है. भाजपा का कहना है कि छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए. वहीं, बंद के दौरान गोलमुरी जैसे इलाकों में आम दुकानदारों की भागीदारी से यह मुद्दा शहर में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

